केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती ने पौड़ी जिले में श्रीनगर से 15 किलोमीटर दूर धारीदेवी शक्तिपीठ में नवरात्र के अवसर पर मां धारीदेवी के दर्शन किए। रुद्रप्रयाग से धारीदेवी के दर्शनों को अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचीं उमा भारती ने लगभग आधे घंटे तक मंदिर में मां धारीदेवी की पूजा-अर्चना की।

धारीदेवी के दर्शनों के बाद उमा ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि साल 2013 में धोखे से धारीदेवी की प्रतिमा को मूल स्थान से हटाया गया था। उन्होंने कहा कि वे आज भी पुराने मूल स्थान को ही मां धारी का स्थान मानती हैं।

खराब स्वास्थ्य के बावजूद धारीदेवी शक्तिपीठ पहुंचीं उमा भारती इससे पहले भी कई बार मां धारीदेवी के दर्शनों को पहुंचती रही हैं। बाबा केदारनाथ के साथ धारीदेवी पर अपनी विशेष श्रद्धा रखने वाली उमा भारती का कहना है कि मंदिरों के अंदर आज भी पुजारियों का ही दखल माना जाता है।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि साल 2013 की जून माह की 15 तारीख को आपदा के वक्त जब मां धारीदेवी की प्रतिमा को पुजारियों द्वारा हटाया गया तो वे इससे खुश नहीं थीं। उमा ने कहा कि बावजूद इसके पुजारी समुदाय के प्रतिमा हटाने के कार्य के आगे वे कुछ नहीं कर सकीं।