देहरादून।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में प्रसिद्ध शिक्षण संस्थानों को स्कूल प्रारम्भ करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लीज पर भूमि दी जाएगी और पानी, बिजली तथा संपर्क मार्ग की सुविधा भी मुहैया करायी जाएगी।

रावत ने एक बैठक में इस संबंध में अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। हालांकि साथ में उन्होंने स्पष्ट किया कि नामचीन निजी शिक्षण संस्थानों को ये सुविधाएं सशर्त दी जाएंगी।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सुविधाओं का लाभ चाहने वाले संस्थानों को दो शर्तें माननी होंगी। प्रथम शर्त के तहत इन स्कूलों में 30 प्रतिशत प्रवेश राज्य सरकार के कार्मिकों व स्थानीय लोगों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेगा और इन सीटों की फीस व अन्य शुल्क का निर्धारण भी राज्य सरकार द्वारा ही किया जाएगा।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दूसरी शर्त यह होगी कि इन स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी व लिपीकीय पदों पर उसी गांव या क्षेत्र के व्यक्तियों को नियुक्त किया जाएगा जहां इन्हें स्कूल स्थापना के लिए भूमि दी जाएगी।’