भारत में लग्जरी गाड़ियों का दूसरा वोल्वो है। तमाम पर्यटन स्थलों तक सैलानियों को सफर में आराम से पहुंचाने के लिए सरकारें और प्राइवेट टूर ऑपरेटर वोल्वो की लग्जरी गाड़ियां चलाते हैं। अब अपने उत्तराखंड में ही स्वीडन की इस मशहूर कंपनी कां संयंत्र खोलने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। मतलब अब उत्तराखंड में वोल्वो बसें बनेंगी और यहां के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।

सोमवार को कंपनी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत से मुलाकात की। रणजीत सिंह रावत के मुताबिक वोल्वो भारत में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी प्रतिनिधि इसी के तहत उत्तराखंड में मिनी बसों के लिए कारखाना लगाने की तैयारी में हैं।

विशेष औद्योगिक पैकेज के तहत उत्तराखंड में ऑटो सेक्टर पांव जमा चुका है। इस सेक्टर की सहयोगी कंपनियों का भी अच्छा खासा कलस्टर राज्य में विकसित हो चुका है। ऐसे में वोल्वो का उत्तराखंड की ओर रुख करना राज्य सरकार को भी भा गया है।

औद्योगिक सलाहकार रणजीत सिंह रावत के मुताबिक वोल्वो के प्रतिनिधियों ने न सिर्फ मुख्यमंत्री हरीश रावत से बात की बल्कि परिवहन और अन्य विभागों के प्रमुख सचिवों से भी निवेश का जायजा लिया। कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उत्तराखंड में वह कितना निवेश करने की तैयारी में है।

कंपनी प्रतिनिधियों को उत्तराखंड में मिल रही रियायतों की पूरी जानकारी दी गई है। कंपनी राज्य में मिनी बसों का कारखाना स्थापित करना चाहती है। इस स्थिति को देखते हुए ही राज्य सरकार ने अपनी जरूरत को भी कंपनी से साझा किया है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर (उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में वोल्वो बसें)

रणजीत रावत के मुताबिक कंपनी से आग्रह किया गया है कि सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से सुरक्षित और पहाड़ के सफर के लिए आरामदायक बसों का निर्माण भी यहां किया जाए। वोल्वो राज्य के परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल है पर पहाड़ी रूट के लिए ये बसें मुफीद नहीं हैं।

रणजीत रावत के मुताबिक वोल्वो कंपनी के पदाधिकारियों ने करीब 25 हजार करोड़ रुपये देश में निवेश करने की योजना बनाई है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितना उत्तराखंड के खाते में आएगा। कंपनी पदाधिकारी राज्य की उद्योग नीति से संतुष्ट हैं। बिजली, जमीन और श्रम मुद्दों को लेकर कोई परेशानी न होने देने का आश्वासन कंपनी प्रतिनिधियों को दिया गया है।