सांकेतिक तस्वीर

उत्तराखंड के सुदूरवर्ती उत्तरी बर्फीले इलाकों के गांव बहुत जल्द बिजली से रोशन होंगे। इन गांवों में सौर ऊर्जा प्रणाली (सोलर एनर्जी सिस्टम) से बिजली की आपूर्ति करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ऊर्जा निगम सर्वे कर रहा है, जो अब अंतिम चरण में है।

इस योजना से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के अधिकतर गांवों को लाभ मिलेगा। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में तमाम गांव ऐसे हैं, जो छह महीने तक बर्फ से ढके रहते हैं। इस दौरान कई गांवों के लोगों को रहने के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। महीनों बर्फ पड़ी होने की वजह से इन गांवों तक बिजली की लंबी लाइनें नहीं बिछ पाई हैं।

अब केंद्र सरकार के सहयोग से दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत इन गांवों में बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में सोलर एनर्जी सिस्टम को मुफीद माना गया है।

सर्वे के अंतिम चरण में होने के साथ ही ऊर्जा निगम इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है। लगभग 150 छोटे-बड़े गांवों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी है।

सोलर एनर्जी सिस्टम के तहत आठ से दस गांवों को जोड़कर उनका एक सोलर प्लांट बनाया जाएगा। इसके बाद सोलर प्लांट से विद्युत केबल खींचकर गांवों और घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी।

ऊर्जा निगम के प्रवक्ता मधुसूदन इस्सर का कहना है कि महीनों बर्फ से आच्छादित रहने वाले कई गांवों में बिजली नहीं पहुंच पाई है। ऐसे गांवों में सोलर एनर्जी सिस्टम से बिजली पहुंचाई जानी है। इसका सर्वे पूरा होने वाला है। इन गांवों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जगमग किया जाएगा।