अपने बयानों से अक्सर विवादों और मीडिया की सुर्ख़ियों में रहने वाली साध्वी प्राची ने एक बार फिर विवादित बयान दिया हैं। इस बार उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर ही तीखा प्रहार किया है, साध्वी ने आज़म खान और सपा से खुद की जान को खतरा भी बताया है। साध्वी ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में हुई हत्या को एक्शन का रिएक्शन करार दिया है।

हरिद्वार पहुंची साध्वी प्राची ने एक विवादित बयान दिया है, उन्होंने कहा की बटवारे के समय पकिस्तान मुसलमानों और भारत हिंदुओं के लिए बनाया गया था, लेकिन महात्मा गांधी ने मुसलमानों को रोक सबसे बड़ी गलती की थी जिसका खामियाज़ा आज देश का हिन्दू भुगत रहा है। ये बीजारोपण गांधी परिवार ने किया था आज वो वटवृक्ष बन गया है।

साध्वी ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में हुई हत्या पर कहा की ये एक्शन का रिएक्शन हुआ है। आज देश का हिन्दू गौहत्या पर रोक लगाने के साथ सख्त क़ानून बनाना चाहता है। तभी देश में गौहत्या रुक सकती है।

बेबाकी से बयान देने वाली साध्वी को आज़म खान और सपा सरकार से जान का खतरा है, वो कहती हैं कि आज़म ने उन पर कई बार हमले करवाए और अब भी धमकियां मिल रही हैं। लेकिन इससे वे डरकर चुप नहीं बैठेंगी। यदि उनकी हत्या होती है तो समाजवादी पार्टी और आज़म खान उसका जिम्मेदार होगा। उन्होंने आज़म खान को सबसे बड़ा देशद्रोही और गद्दार करार दिया।

उन्होंने कहा की जो गोहर खान जैसे लोगों के नाम पर विवि बनाता हो वो देशभक्त नहीं देश का दुश्मन है और ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेलों में डाल देना चाहिए। ये बाहर रहे तो समाज को तोड़ने का काम करेंगे।

साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाए जाने पर साध्वी ने तल्ख़ तेवर दिखाते हुए कहा कि बड़ी शर्म की बात है कि उन्होंने पुरस्कार वापस लौटाए। जब देश में सिखों की हत्या हुई, जब मुज़फ्फरनगर में हत्याकांड हुआ, तब इन्होंने सम्मान वापस क्यों नहीं किया। ऐसे लोग स्वार्थी हैं और इनको कभी सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। इसकी जाँच होनी चाहिए। ये केवल हिन्दुस्तान की छवि को खराब कर रहे हैं।

साध्वी ने गाय के नाम पर राजनीतिक बयानबाज़ी करने वाले बीजेपी के नेताओं को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये बहुत छोटी मानसिकता के लोग हैं, ये गाय को बचाना नहीं चाहते बस राजनीति करना चाहते हैं।

भले ही बीजेपी और हिंदूवादी संगठन साध्वी प्राची को विवादित बयान न देने की सलाह देते रहते हों लेकिन साध्वी को मानो इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ता। वो जब बोलना शुरू करती हैं तो वो सब बोल जाती हैं जो अक्सर उनको विरोधियों के निशाने पर ले आता है।

शनिवार को दिए बयानों के बाद साध्वी का एक बार फिर सपा और कांग्रेस के निशाने पर आना तय है। अब देखना ये होगा कि अपने पलटवार में आज़म खान, सपा और कांग्रेस क्या बयान देती हैं।