मोदी सरकार और बाबा रामदेव एक-दूसरे को शीर्षासन कराते हैं : मुख्यमंत्री हरीश रावत

मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का ब्योरा देने के लिए मीडिया के सामने आए। सीएम इस मौके पर भी बाबा रामदेव पर चुटकी लेने से नहीं चूके। सीएम ने कहा कि रामदेव कहते हैं कि केंद्र की बीजेपी सरकार उनकी नाभि से निकली है। केंद्र सरकार कहती है कि पुत्रजीवक दवा की जांच कराओ, हमने विशेषज्ञों से जांच कराकर केंद्र को रिपोर्ट भेज दी। दोनों ही एक दूसरे को शीर्षासन कराते रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बीजेपी के पांचों लोकसभा सदस्यों को मुझसे लड़ने की फुरसत हो, तभी तो केंद्र में पैरवी करेंगे। कुछ समय मुझसे लड़ने में और कुछ आपस में लड़ने में बर्बाद कर रहे हैं। केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा है, दिल्ली जाकर अपने राज्य का पता ठीक से लिखवा दें।

रावत ने केंद्र सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए 50 करोड़ रुपये देने का वादा कर अभी तक ओएनजीसी ने पैसा नहीं दिया। सीएम ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, किसके इशारे पर यह सब हो रहा है, यह देखना पड़ेगा।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘नमामि गंगे’ को लेकर केंद्र ने मुनादी तो खूब की, लेकिन पैसा नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गंगा, तीर्थ, धर्म, कुंभ की बात करने वाले (केंद्र) पैसा नहीं देंगे तो जनता को जवाब तो देना पड़ेगा। मुझे पैसा दें, 2018 तक पूरे उत्तराखंड में गंगा को क्लीन कर दूंगा।