आस्थायी राजधानी देहरादून में सेना की भर्ती के दौरान आर्मी इंटेलीजेंस ने नेपाली मूल के 17 युवकों को पकड़ा है। पकड़े गए सभी नेपाली मूल के युवकों के पास से फर्जी दस्तावेज मिले हैं। पूछताछ में जानकारी मिली है कि सभी नेपाली मूल के युवकों ने लखनऊ में 30 से 50 हजार रुपये देकर ये फर्जी स्कूली दस्तावेज तैयार किए थे।

महत्वपूर्ण जानकारी ये है कि आर्मी इंटेलीजेन्स के पास ये सूचना थी कि माओवादी भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए आ सकते हैं। इसीलिए सतर्कता बरती जा रही थी, सूचना के बाद पुलिस एलआईयू भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पूरे मामले में गंभीर बात ये ही है कि आर्मी इंटेलीजेंस के पास जो सूचना थी, उसको ध्यान में रखकर भारतीय सेना में आने वाले हर युवक पर खासी नजर रखी जा रही थी, भर्ती के दौरान ही एक युवक पर शक जताया गया। पूछताछ की गई तो एक के बाद एक कड़ी जुड़ती चली गई।

पकड़े गए सभी युवक भर्ती की दौड़ प्रक्रिया में पास हो चुके थे, जबकि आगे की प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे थे। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसके बाद अधिकारियों के भी होश उड़ गए, क्योंकि बताया गया है कि सभी पकड़े गए युवकों के पास जो दस्तावेज थे वो लखनऊ में 30 से 50 हजार रुपये देकर तैयार कराए गए थे।

मौके पर एलआईयू और पुलिस ने भी पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया है कि पूछताछ के आधार पर उस गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी, जिससे फर्जी दस्तावेजों को तैयार कराया गया था।

वही मुख्य पूछताछ में पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस ये भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सेना में भर्ती के लिए आने वाले युवकों का इतिहास क्या रहा है, उनके परिजनों से भी संपर्क करके जानकारी जुटाई जा रही है।