उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में सरकार ने इसी साल 15 अगस्त को इंदिरा अम्मा कैंटीन की शुरुआत की थी, जहां से आम लोगों को 20 रुपये में भर पेट भोजन मिल रहा है।

दाल, चावल, चार रोटी और सब्जी खाने में मिल रही है। शहर में घंटाघर पर खुली इस कैंटीन में रोजाना करीब 900 लोग अपनी भूख मिटा रहे हैं, जिसकी सफलता को देखते हुए सरकार ने अब कैंटीन का विस्तार करने का फैसला किया है।

अब सरकार अस्थायी राजधानी देहरादून के दून अस्पताल में कैंटीन खोलने जा रही है। एमडीडीए सचिव पीसी दुम्का ने देहरादून अस्पताल का कई बार निरीक्षण किया, इसके बाद उन्होंने टूव्हीलर पार्किंग स्थल में कैंटीन खोलने का फैसला किया है।

उनका कहना है कि जगह चिन्हित कर ली गई है। अब कैंटीन खोलने के लिए औपचारिकता पूरी की जा रही है। जल्द ही कैंटीन शुरू कर दी जाएगी।

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दरअसल देहरादून अस्पताल में रोजाना करीब 2500 मरीज अपना इलाज कराने आते हैं। राज्य के दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सस्ता और अच्छा भोजन मिल सकें, इसके लिए सरकार पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है।

वहीं देहरादून अस्पताल के सीएमएस डॉ. आर.एस. असवाल का कहना है कि भारी संख्या में मरीजों के साथ तिमारदार भी आते हैं जो राज्य के दूर दराज क्षेत्रों से आते हैं। जब मरीजों को भर्ती कर लिया जाता है तो मरीजों को फ्री में भोजन मिल जाता है, लेकिन तिमारदारों को भोजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

ऐसे में मरीजों के साथ अब तिमारदारों को महज 20 रुपये में भरपेट अच्छा भोजन मिल सकेगा। बताया जा रहा है कि सरकार इंदिरा अम्मा कैंटीन की सफलता से गदगद है। शहर के कई स्थानों पर सरकार कैंटीन खोलने का प्लान बना रही है। आईएसबीटी के साथ कई स्थानों पर कैंटीन खोली जाएंगी।

बताया जा रहा है कि 9 नवंबर यानी राज्य स्थापना दिवस के मौके पर देहरादून अस्पताल में कैंटीन का उदघाटन किया जाएगा, जहां मरीजों और तिमारदारों को 20 रुपये में एक थाली भोजन मिलेगा।

इंदिरा अम्मा कैंटीन का संचालन स्वयं सहायता समूह की तरफ से किया जाएगा, जिसमें महिलाएं काम करेंगी। फिलहाल कैंटीन खोलने से तिमारदारों को अस्पताल में भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।