‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत देश को साफ-सुथरा करने की पहल स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। लेकिन लगता है न तो आम जनता और न ही प्रशासन में लोग उनकी इस सोच को अमली जामा पहनाने को तैयार हैं। इस बात का जीता जागता उदाहरण पौड़ी गढ़वाल जिले का खूबसूरत छोटा सा शहर सतपुली है।

पौड़ी जिले के चार ब्लॉकों के केंद्र सतपुली में नगर पंचायत के चुनाव करवाने की मांग ने तेजी पकड़ ली है। करीब डेढ़ साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सतपुली को नगर पंचायत का दर्जा देकर यहां की सालों पुरानी मांग को पूरा करते हुए जनता को सौगात दी थी। लेकिन अब तक नगर पंचायत के चुनाव नहीं होने से यहां की जनता को मायूसी ही हाथ लग रही है।

सतपुली की जनता कई बार अपने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नगर पंचायत के चुनाव करवाने की मांग कर चुकी है, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते सतपुली में हर तरफ अव्यवस्था का मंजर पसरा हुआ है।

सतपुली की सबसे बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण की है, यहां दिनभर सड़कों पर कूड़ा इधर-उधर फैला हुआ और उड़ता रहता है, लेकिन उसको उठाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते यहां कूड़े के अंबार लगे रहते हैं।

हालांकि व्यापार मंडल अपने निजी संसाधनों के बल पर शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी उठा रहा है, लेकिन वो भी पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पा रहा है।

व्यापार मंडल ने पौड़ी के डीएम से मांग की है कि सतपुली की सफाई व्यवस्था के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे, स्थानीय जनता के साथ ही यहां से गुजरने वाले यात्रियों को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।