उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि भीतरघात नहीं हुआ तो अगले चुनाव में कांग्रेस को 45 सीटें मिलेंगी। मिशन 2017 की तैयारी में जुटी उत्तराखंड कांग्रेस में भीतरघात की इस आशंका ने बवाल खड़ा कर दिया है। सरकार के मंत्री खुलकर इस बयान से असहमति जता रहे हैं। वहीं कांग्रेस संगठन के मुखिया मंत्रियों को अपना कामकाज और बेहतर करने की बात समझा रहे हैं।

एक के बाद एक बयानों के इस सिलसिले से कांग्रेस में मचा अंदरूनी घमासान खुलकर सबके सामने आ गया है। विपक्षी पार्टी बीजेपी के वार से कांग्रेस पर इतना असर नहीं दिखा है, जितना पार्टी के अंदर चल रहे अंतर्विरोध को लेकर एक बयान से सामने आ गया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 2017 में पार्टी के लिए भीतरघात की चुनौती का बयान क्या दिया कांग्रेस में मानो भूचाल आ गया। संगठन से लेकर सरकार के मंत्री इस बयान को लेकर सकते में आ गए हैं।

मंत्री प्रीतम सिंह ने तो साफ तौर पर इस बयान पर अपनी असहमति जताई है। प्रीतम सिंह का कहना है कि अविश्वास की जगह सब पर विश्वास करना होगा, तभी चुनाव तैयारियों को जमीन पर उतारा जा सकेगा।

प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय द्वारा सरकार के परफॉर्मेंस बेहतर करने के बयान पर भी कहा है कि संगठन और सरकार के साथ तालमेल बेहतर करने की जरूरत है। प्रीतम सिंह ने कहा कि संगठन को जनता के बीच सरकार के अच्छे कामों को पहुंचाना होगा, तभी मिशन 2017 में जीत हासिल होगी।

मंत्री प्रीतम सिंह के बयान पर किशोर उपाध्याय ने एक बार फिर परफॉर्मेंस को 2017 का आधार बताया है। उपाध्याय का कहना है कि संगठन तो अपना काम कर ही रहा है, लेकिन अगले एक साल में मंत्री और मेहनत से काम करें तो अच्छा होगा।

किशोर उपाध्याय ने कहा कि साल 2000 से 2002 के बीच जिस तरीके से पार्टी के अनुभव रहे, उनका भी ध्यान रखना होगा। पीसीसी चीफ ने कहा कि पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए हमें आगे बढ़ने की जरूरत है।