सोमवती अमावस्या और पितृ अमावस्या का स्नान पर्व काफी लंबे समय बाद एक साथ पड़ा है। इसके चलते सोमवार को हरिद्वार सहित तमाम तीर्थ स्थलों पर गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही हैं।

श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य और मोक्ष की कामना करने के साथ अपने पितरों को भी देवलोक की ओर विदा कर रहे हैं। सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व का विशेष महत्व माना जाता है, इसीलिए इस मौके पर गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

माना जाता है कि इस मौके पर मां गंगा में स्नान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन गंगा स्नान कर पितृ तृप्त होते हैं और बैकुंठ की ओर रवाना हो जाते हैं।

हरिद्वार में भी सोमवार सुबह से ही गंगा स्नान करने के लिए हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। ज्योतिष गणना के अनुसार जब सोमवार के दिन अमावस्या पड़ती है तो उस दिन उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं।

ज्योतिषियों के अनुसार सोमवार को सोमवती और पितृ अमावस्या पर एक खास योग 141 साल बाद बन रहा है। इस दिन गंगा स्नान के साथ जप, तप और दान का खास महत्व बताया गया है। ज्योतिषियों का कहना है की इस समय पितरों का पूजन बेहद जरूरी हैं।

वैसे तो स्नान पर्वों पर हमेशा ही लोगों की भीड़ हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए पहुंचती है, लेकिन सोमवती और पितृ अमावस्या के दुर्लभ संयोग के दिन गंगा स्नान करने का मौका कोई क्यों छोड़ना चाहेगा।

भले ही आज ठंड है, इसके बाद भी लोगों के उत्साह में कोई कमी नही है और हरकी पैड़ी पर भीड़ का आलम ये है कि पैर रखने की भी जगह नहीं है। इस दिन गंगा स्नान करने से परिवार में सुख सृमृद्धि तो आती ही है और साथ ही पितरों की आत्मा भी तृप्त होती हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

haridwar-aarti

सोमवती अमावस्या पर हमेशा ही भारी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान करने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार पितृ अमावस्या के भी इसी दिन पड़ने के कारण भीड़ कुछ ज्यादा ही है। केवल हरकी पैड़ी ही नहीं बल्कि गंगा के तमाम घाटों पर श्रद्धालु स्नान कर पुण्य कमाते हैं।

भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं और पूरे मेला क्षेत्र को 12 जोन और 35 सेक्टर में बांटकर वहां पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। हरिद्वार के एसएसपी सेंथिल आबुदाई का कहना है कि भीड़ को देखते हुए ही पुलिस बल तैनात किया गया है और जरूरत पड़ने पर रुट डायवर्ट भी किया जाएगा।

ठंड, गर्मी या बरसात में भी मां गंगा में आस्था रखने वालों के उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नहीं आती है और यही कारण है कि स्नान पर्वों पर हरिद्वार में आए दिन मेले लगते हैं।