उत्तराखंड में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों के दोनों नवनियुक्त एसएसपी को चार्ज लिए अभी तीन दिन भी नहीं हुए कि काशीपुर और हल्द्वानी के हल्दूचौड़ में हथियारबंद बदमाशों ने दोनों नए कप्तानों को चुनौती देते हुए डकैती डाल दी। हल्दूचौड़ में तो डकैतों ने कुष्ठरोगियों को भी नहीं छोड़ा।

नैनीताल जिले में हल्द्वानी के हल्दूचौड़ में मोतीनगर (हाथीखाल) स्थित कुष्ठ आश्रम के रोगियों पर शनिवार देर रात डकैतों का जमकर कहर बरपाया। छह डकैतों ने कुष्ठ रोगी महिला और पुरुषों सहित 12 लोगों पर हमला कर उनको एक घंटे तक बंधक बनाए रखा और उनके कमरों से करीब चार लाख रुपये की नगदी और जेवरात लूटकर फरार हो गए।

सुबह जनप्रतिनिधियों के पहुंचने पर पुलिस ने घायलों का इलाज कराया। घायलों में गंभीर रूप से घायल आठ लोगों को स्थानीय सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डकैतों के तांडव की खबर मिलने पर श्रम, सेवायोजन एवं दुग्ध विकास मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने आश्रम पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और जिले के अधिकारियों को डकैतों के जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।

मोतीनगर (हाथीखाल) स्थित कुष्ठ आश्रम में शनिवार देर रात सशस्त्र डकैत घुस गए। उन्होंने शांति देवी पर हमला कर 32 हजार रुपये बक्से से लूट लिए। इसके बाद बगल के कमरे में सो रहे नैनराम को पीटकर उसे चारपाई से बांध दिया। बदमाशों ने नैनराम की जेब से 5500 रुपये भी निकाल लिए।

अनुली देवी (55) के पास से 20 हजार, रुद्र सिंह (50) से 30 हजार, नंदी देवी (60) से 20 हजार, भवानी (50) से 60 हजार, लीला देवी से 10 हजार, नर राम (50) से 20 हजार, खुर्शीदन पत्नी इमाम शाह से कान के झुमके, हार नगदी सहित 50 हजार, देवकी देवी (52) से 50 हजार, धरम राम से 30 हजार, मुन्नी देवी से एक हजार रुपये, कान, गले और पैर के जेवरात सहित 12 लोगों से लूटपाट की।

आश्रम के प्रधान मोहन सिंह ने बताया कि वह मदर टेरेसा चर्च में गार्ड की ड्यूटी करने गए थे। उन्होंने लोगों द्वारा दान दी गई 50 हजार की नकदी एक तिजोरी में रखी थी। डकैत तिजोरी भी उठा ले गए। हथियारबंद डकैतों ने कुष्ठ रोगियों को करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। चीखने पर वे हमला कर चुप करा दे रहे थे।

दो डकैत पहाड़ी भी बोल रहे थे। कुत्तों की आवाज और शोर सुनकर एक कुष्ठ रोगी ने झाड़ियों के बीच छिपकर शोर मचाया तो डकैत भाग निकले। घटना की सूचना मिलने पर पूर्व ग्राम प्रधान हरीश भट्ट मौके पर पहुंचे।

उन्होंने तत्काल मंडी चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पूछताछ कर रात में ही लौट गई। सुबह अधिकारियों को घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस पूछताछ कर छानबीन में जुट गई। घायलों में आठ लोगों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह और एसडीएम ने घायलों को मदद देने का भरोसा दिलाया।

ऊधमसिंह नगर के काशीपुर में हथियारों से लैस नकाबपोश डकैतों ने गन प्वाइंट पर दो घरों के लोगों को कमरों में बंधक बनाकर पांच लाख के जेवर और हजारों रुपये की नकदी लूट ली। जाते-जाते वे शोर मचाने पर दोबारा आने की धमकी भी दे गए।

दो घरों में पड़ी डकैती से सीमांत गांव कटैय्या के लोग दहशत में हैं। इस मामले में एसएसपी केवल खुराना ने तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। इनमें कांस्टेबल कुलदीप बिष्ट, पारस पाल और दर्शन सिंह शामिल हैं। साथ ही थानाध्यक्ष को भी तीन दिन के भीतर लूट का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।

रविवार रात करीब दो बजे आईटीआई थानांतर्गत सीमांत गांव कटैय्या के लोग गहरी नींद में थे। गांव निवासी सुंदर सिंह किसी फैक्ट्री में कर्मचारी हैं। वह ड्यूटी पर गए थे। घर पर पत्नी पुनीता देवी, बेटा जीतू, बेटी पूनम और बेटा अमित अपने कमरों में सोए थे। अचानक परिसर की दीवार फांदकर आठ डकैत घर के अंदर घुस गए।

उन्होंने तमंचे दिखाकर पूरे परिवार को एक कमरे में बंधक बना लिया। दो लोग तमंचे लेकर खड़े रहे। दो ने घर के बक्से खोले और नकदी जेवर आदि अपने बैगों में भर लिए। सुंदर सिंह की पत्नी पुनीता ने बताया कि सभी बदमाशों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। उनकी उम्र लगभग 20 से 30 साल के बीच होगी।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

पुनीता ने बताया कि 10 हजार नकद और लगभग दो लाख के सोने-चांदी के जेवर ले गए। वहीं, जीतू सिंह ने बताया चार डकैत अंदर घुसे थे, जबकि चार बाहर खड़े थे। उसके बाद डकैतों ने सुंदर सिंह के घर से ही कुछ दूरी पर स्थित जमील अहमद के घर पर डकैती डाली।

जमील अहमद, उनकी पत्नी मरुन्निशां, बेटा जलीस अहमद, बेटी रुबीना, बेटे रिजवान, फुरकान और चैनून तीन कमरों में सोए थे। डकैतों ने उन्हें एक ही कमरे में बंधक बनाकर नगद 15 हजार रुपये, दो तोला सोने, डेढ़ किलो चांदी के जेवर और 37 लीटर मैंथा तेल ले गए।

डकैतों के जाने के बाद बंधक परिजनों ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। घटना की खबर मिलने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास तलाश की गई, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।