देशभर में चल रहे स्मार्ट सिटी पोर्जेक्ट्स की ही तर्ज पर अब उत्तराखंड में छोटे शहरों को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके लिए करीब एक दर्जन नए प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र बनाए जाने की योजना है। इसके तहत क्षेत्रों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू भी हो गई है।

उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) की टीम इन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। शुक्रवार को हुई उडा की चौथी बोर्ड बैठक में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया। टीम में उडा के नगर नियोजक आरजी सिंह, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के नगर नियोजक एसएम श्रीवास्तव और उडा के एई बीएस नेगी शामिल हैं।

केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत देहरादून को विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा राज्य सरकार अपने संसाधनों से रुद्रपुर में दो जगहों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करेगी। राज्य के एक दर्जन से अधिक छोटे शहरों को भी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। इनके लिए कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।

पहले छोटे शहरों में इसके लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए करीब एक दर्जन नए क्षेत्रों को प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र में शामिल करने की योजना है। उडा की टीम इन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर मौजूदा संसाधनों, जमीन और निर्माण के संबंध में जानकारी लेगी।

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इसके तहत रामनगर, हल्द्वानी-काठगोदाम, काशीपुर, बाजपुर, रुद्रपुर, किच्छा, टनकपुर-बनबसा, सिमली- कर्णप्रयाग-कालेश्वर को भी नए बनने वाले प्राधिकरणों और विनियमित क्षेत्र में शामिल किया जाना है।

गुरुवार को हुई उडा की बैठक में इन क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए टीमों का गठन किया गया। इनमें से कुछ क्षेत्रों की कार्ययोजना नगर नियोजन विभाग बना चुका है। ये टीमें उस प्रस्ताव का वेरिफिकेशन कर छूटे क्षेत्रों या अन्य त्रुटियों में सुधार करेगी।

नए प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र चिह्नित होने के बाद वहां अनियोजित और अनियंत्रित विकास पर रोक लगेगी। निर्माण से पूर्व प्राधिकरण या नियत प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र अलग-अलग निर्धारित होने के बाद नियोजित विकास हो पाएगा। इसके लिए लोगों को प्राधिकरण को शुल्क भी देना होगा।