पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर मसूरी की पर्यटन नगरी कैम्पटी में हर तरफ कचरा ही कचरा बिखरा पड़ा है। कैंपटी में चारों ओर प्लास्टिक कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। जिला पंचायत टिहरी इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जिला पंचायत कैम्पटी से टैक्स के जरिए लाखों की कमाई करता है, लेकिन कैम्पटी की व्यवस्थाओं पर खर्च करने को तैयार नहीं है।

पर्यटन नगरी कैम्पटी के चारों और के जंगल पूरी तरह से कचरे से भरे हैं। सालों से प्लास्टिक कचरा जंगल में पड़ा है, लेकिन कोई कचरा उठाने को लेकर गंभीर नहीं है।

Campty-fall

स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जो पर्यटक कैम्पटी घूमने आते हैं वह सब भी यहां पर फैली गंदगी को देखकर हैरान हैं। कैम्पटी की छवि पर्यटकों के बीच खराब हो रही है, लेकिन जिला पंचायत को टैक्स वसूली से फुर्सत नहीं है।

कैम्पटी घूमने के लिए हर साल 15 लाख से ज्यादा पर्यटक आते हैं, लेकिन चारों और फैली गंदगी से पर्यटन नगरी कैंपटी का गलत संदेश जा रहा है। पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, बड़ी-बड़ी बातें सफाई को लेकर हो रही हैं, लेकिन जिला पंचायत टिहरी का स्वच्छता अभियान से कोई लेना देना नहीं है।