फिल्म ‘सिंघम’ में जिस तरह अभिनेता अजय देवगन ने पुलिस वालों की अच्छी छवि जनता के सामने रखी, ठीक उसी तरह एसएसपी नीलेश आनंद भरणे भी लोगों में पुलिस की अच्छी छवि बना गए। उधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलेश आनन्द भरणे का अब ट्रांस्फर हो गया है और उन्हें पुलिस अधीक्षक, सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय की नई जिम्मेदारी दी गई है।

ऊधमसिंह नगर जिले में साल 2012 में दस महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद जब एसएसपी भरणे दोबारा ऊधमसिंह नगर जिले के कप्तान बने तो उनकी एंट्री भी सिंघम से कम नहीं थी।

दो अक्टूबर 2014 को राजधानी देहरादून से वह हेलीकॉप्टर से ऊधमसिंह नगर पहुंचे। धमाकेदार एंट्री के साथ ही उन्होंने सबसे पहले अपराधियों पर कानून का शिकंजा मजबूती से कसा। कई अपराधियों में खौफ भी रहा। इसी के साथ उन्होंने उधमसिंह नगर में कई ऐतिहासिक कार्य भी किए।

एसएसपी भरणे ने ऊधमसिंह नगर में सामाजिक ताना बाना संजोकर रखने के साथ ही सामाजिक कार्यों में काफी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने शहर के सौंदर्यीकरण में अपना विशेष योगदान दिया और आज रुद्रपुर शहर के चौराहों पर जो भी सुंदरता दिखाई दे रही है उसमें भरणे का अहम योगदान रहा है।

कड़क अंदाज के साथ उनका हंसमुख स्वभाव भी लोगों को प्रभावित करने वाला रहा। लेखन के क्षेत्र में भी एसएसपी भरणे ने इस दौरान दो किताबें लिखीं, जिनका विमोचन भी हाल ही में हुआ है। अपनी लेखनी में भरणे ने बच्चों के कैरियर काउंसलिंग पर ज्यादा फोकस रखा।

एक हिन्दी दैनिक से बातचीत में एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि ऊधमसिंह नगर जिला काफी संवेदनशील है। काशीपुर में बार-बार माहौल खराब करने की कोशिशें की गईं, लेकिन सभी समुदायों के बीच बैठकर उन्होंने लोगों में आपसी सौहार्द की भावना जगाई।

आपराधिक मामलों के खुलासे में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। एटीएम लूट गिरोह का भंडाफोड़ करके उन्होंने सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि यूपी, हरियाणा और पंजाब पुलिस को भी राहत दिलाई।

महिलाओं और स्कूली छात्राओं की सुरक्षा के लिए भरणे ने शौर्या स्क्वायड का गठन किया और स्कूल, कॉलेज व ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया। इसके अलावा सारथी एंड्रॉयड मोबाइल एप्लीकेशन लांच की।

यातायात सुधार में भी भरणे की उपलब्धियां कम नहीं हैं। उन्होंने एक जनवरी 2015 से हेलमेट व्यवस्था लागू कराई और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा दिया। लेफ्ट टर्न खोलकर उन्होंने यातायात व्यवस्था सरल की और दिन में बड़े वाहनों की नो-इंट्री करवा दी। इंदिरा चौक पर यातायात कार्यालय का निर्माण करवाया और टेंपो व अन्य सवारी वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था करवाई।

सामुदायिक पुलिसिंग में भी भरणे ने खासा योगदान दिया और नशाखोरी के खिलाफ जमकर अभियान चलाया। उन्होंने समय-समय पर रक्तदान शिविर लगवाए और श्रमिकों का सत्यापन भी तेजी से सुनिश्चित किया। गरीब और असहाय बच्चों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्थी करवाई और इंदिरा चौराहे पर इंदिरा गांधी योग पार्क का निर्माण करवाया। ग्राम चौकीदारों की नियुक्ति की और ग्राम सुरक्षा समिति तथा थाना, चौकी बीट स्तर पर गठन कर उन्हें कार्ड, सीटी, लाठी व जैकेट वितरण किया।

उन्होंने जिले के थाना और चौकियों में अत्याधुनिक बाथरूम का निर्माण करवाया। जिले के थाना चौकी में तैनात कांस्टेबलों के लिए आरओ, वाटर कूलर, जैकेट, टॉर्च, हीटर आदि उपलब्ध करवाए और पुलिस लाइन में नए आवासों का निर्माण भी सुनिश्चित किया। पुलिस परिवार के लिए पुलिस लाइन में गैस गोदाम का निर्माण करवाया और पुलिस लाइन में बारातघर का निर्माण व पुलिस लाइन में सीपीसी कैंटीन भी खुलाई।