शनिवार को शीतकाल के लिए सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट और पर्यटकों के लिए फूलों की घाटी बंद हो जाएगी। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी गोविंदघाट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

शनिवार सुबह 10 बजे सुखमनी पाठ, 11 बजे सबद कीर्तन, 12 बजे अरदास के बाद विधि-विधान के साथ दोपहर दो बजे धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

सरदार सेवा सिंह ने बताया कि कपाट बंद होने के मौके पर करीब दो हजार तीर्थयात्री धाम में मौजूद रहेंगे। साथ ही लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। वहीं फूलों की घाटी के लिए हेमकुंड साहिब मार्ग के मुख्य पड़ाव घांघरिया से ही आवाजाही होती है।

valley-of-flowers-Uttarakha

धाम के कपाट बंद होते ही फूलों की घाटी भी पर्यटकों के लिए बंद हो जाती है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुल गई थी। इस साल करीब 6300 पर्यटक घाटी के सैर-सपाटे पर पहुंचे, जबकि साल 2014 में मात्र 85 पर्यटक घाटी के दीदार को पहुंचे थे।