उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि अगले विधानसभा चुनाव के लिए मुझे बीजेपी की आक्रामकता और सरकार के खिलाफ एंटी इन्कमबैंसी का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी जितना माहौल खराब करेगी, हमें उतना ही फायदा होगा।’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के खिलाफ वैसे भी कोई एंटी इन्कमबैंसी फैक्टर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मुझे डर है तो कांग्रेस के भीतर की एंटी इन्कमबैंसी का। अगर मेरे सभी मित्रों (कांग्रेसियों) ने इस पर काबू पा लिया तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 45 सीटें मिलेंगी।’

वरना, सामान्य बहुमत के साथ तो वापसी तय है ही। एक हिन्दी दैनिक के साथ खास बातचीत में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी बेबाक राय दी। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार के खिलाफ कोई माहौल नहीं है और न ही सरकार के लिए कोई एंटी इन्कमबैंसी फैक्टर है। बीजेपी मुगालते में है।

मुख्यमंत्री ने कहा, चुनावी समर का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, बस देखते जाइए। मैं चुनाव में बताऊंगा कि मेरी रणनीति क्या होगी। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी के साथ ही अपने उस सिस्टम से भी जूझ रहा हूं जिससे काम कराना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन लगता है।

उन्होंने कहा, बीजेपी तो विरोधी दल है ही, लेकिन मेरे लिए तो ये सिस्टम भी ऐसा ही हो गया है। जनहित का एक काम कराने के लिए मुहिम चलानी पड़ती है, जबकि मेरे किसी साथी का कोई निजी एजेंडा हो तो फाइल फर्राटे भरने लगती है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत का मानना है कि गांव का एकीकृत विकास होने से पहले जरूरी है कि गांव में रहने वाले परिवारों की आर्थिकी बढ़ाई जाए। तभी गांव से पलायन रुकेगा और विकास होगा।

ग्रामीण परिवेश के विकास की जमीनी हकीकत पर मुख्यमंत्री हरीश रावत से विस्तृत बात हुई तो उन्होंने खुद का फार्मूला सामने रखा। कहा, पिछले एक-डेढ़ साल में तमाम ऐसी योजनाएं लागू की गईं, जिनके तहत ग्रामीण अंचल में रहने वाले 75 फीसदी से ज्यादा लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हुए।