गंगा नदी की फाइल फोटो

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को कहा कि गंगा को निर्मल करने की कार्ययोजना पूरी तरह से तैयार है और यदि केंद्र सरकार दस हजार करोड़ रुपये की मदद करे तो हरिद्वार में सौ प्रतिशत निर्मल गंगा का सपना साकार किया जा सकता है।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, ऋषिकेश में स्वच्छ गंगा के तहत भारत तिब्बत सीमा पुलिस के गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग अभियान दल के सदस्यों को सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर केंद्र सरकार मदद करे तो हम हरिद्वार में सौ प्रतिशत निर्मल गंगा का सपना साकार कर सकते हैं। इसमें गंगा व उत्तराखंड से निकलने वाली गंगा की सहायक नदियां भी शामिल हैं। इसके लिए हमारी कार्ययोजना पूरी तरह से तैयार है। केंद्र को इसमें 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता करनी होगी।’

उन्होंने कहा कि हम ऋषिकेश में गंगा बाईपास कैनाल निकालना चाहते हैं, ताकि ट्रीटमेंट किया हुआ पानी भी सीधे गंगा में न मिले। यही योजना हरिद्वार के लिए भी है परंतु इसमें केंद्र सरकार का सहयोग भी जरूरी है। रावत ने कहा कि आईटीबीपी के साथ उत्तराखंड के लोगों में अपनत्व की भावना है और साल 2013 की आपदा व नंदा राजजात यात्रा में जिस प्रकार आईटीबीपी ने सहयोग किया उसके लिए प्रदेश सरकार उनकी आभारी है।

मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों से राज्य के सीमांत क्षेत्रों में रह रहे लोगों को मेडिकल सेवाएं प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि वैसे तो आईटीबीपी के डॉक्टर अपनी पोस्ट पर स्थानीय लोगों को मेडिकल सुविधाएं दे रहे हैं फिर भी अगर इसे संस्थागत रूप दे दिया जाए तो अधिक बेहतर रहेगा।

रावत ने कहा कि अर्धकुम्भ में अभी केंद्रीय सहायता का इंतजार हैं लेकिन राज्य स्तर पर तैयारियां प्रारम्भ कर दी गई हैं। हरिद्वार में बनाए जा रहे पांच स्थायी पुलों को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार जितने काम होने जा रहे हैं उतने पहले कभी नहीं हुए।

रिवर राफ्टिंग अभियान दल के नायक कमांडेंट सुरिन्दर खत्री ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग अभियान संचालित किया जा रहा है जिसकी शुरुआत केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने दो अक्टूबर को देवप्रयाग में की थी। उन्होंने बताया कि अभी तक केवल दो चरणों के दौरान अभियान दल ने गंगा नदी के किनारों से काफी मात्रा में पॉलिथीन बैग इकट्ठे किए और उन्हें ऋषिकेश नगरपालिका को सौंपा गया है।

खत्री ने बताया कि अभियान दल पानी की शुद्घता के किट भी लेकर चल रहा है जिससे जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि देवप्रयाग से ऋषिकेश तक के पानी के नमूनों में अभी तक कोई हानिकारक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। 40 सदस्यीय यह अभियान दल 73 दिनों में 2350 किलोमीटर की दूरी गंगा नदी में राफ्टिंग द्वारा तय करेगा तथा पांच राज्यों के छोटे-बड़े शहरों से होकर निकलते हुए 11 दिसम्बर को गंगासागर पहुंचेगा। दल का नेतृत्व सेनानी सुरिन्दर खत्री कर रहे है।