तमाम सुरक्षा इंतजामों को धत्ता बताते हुए सोमवार को बीजेपी विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया, साथ ही सीएम आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। बीजेपी विधायक सीएम आवास के बाहर ऐसे जमे कि स्वयं एसएसपी पुष्पक ज्योति को हाथ तक जोड़ने पड़े।

राज्य सरकार पर बीजेपी विधायकों को जबरन मामलों में फंसाने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आ‌वास कूच का ऐलान किया। पुलिस ने सुबह से ही भाजपाईयों को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन चकमा देने के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति बदल ली।

पुलिस को चकमा देते हुए बीजेपी नेता सोमवार को मुख्यमंत्री आवास के गेट के बाहर आ पहुंचे, इस दौरान पुलिस ने बीजेपी नेताओं को रोकने के तमाम दाव पेंच अपनाए थे, लेकिन सटीक रणनीति तैयार कर बीजेपी ने पुलिस के चक्रव्यूह को भेद डाला।

दरअसल, बीजेपी विधायकों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने के आरोप सहित कई मुद्दों को लेकर सोमवार को बीजेपी ने सीएम आवास कूच किया। बीजेपी नेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार जबरन बीजेपी के विधायकों को फंसाने का काम कर रही है, इसलिए वे सीएम आवास के गेट के बाहर धरने को तब तक खत्म नहीं करेंगे, जब तक उनके विधायकों पर लगे फर्जी मुकदमे वापस नहीं होते।

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इस दौरान पुलिस व बीजेपी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और बीजेपी अध्यक्ष तीरथ रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री वंशीधर भगत जमीन पर गिर गए और बाकी के विधायक उनके ऊपर जा गिरे।

इसके चलते नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट और पूर्व कैबिनेट मंत्री वंशीधर भगत घायल हो गए, प्रदर्शन के दौरान बीजेपी विधायक राजकुमार ठुकराल की तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए दून अस्पताल ले जाया गया।

सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे भाजपाईयों को मनाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर उनके मीडिया सलाहकार सुरेन्द्र अग्रवाल भी पहुंचे, लेकिन बीजेपी नेताओं ने उनकी एक नहीं सुनी। काफी देर तक मनाने के बाद सीएम के मीडिया सलाहकार को भी बैरंग की लौटना पड़ा।

इसके बाद पुलिस को जबरन बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार करना पड़ा, वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी अब बीजेपी आगे और उग्र तरीके से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।