फिर से BCCI अध्यक्ष चुने गए शशांक मनोहर, भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा

मुंबई।… भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की रविवार को हुई विशेष आम बैठक (एसपीजी) में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के ठीक बाद शशांक मनोहर ने बोर्ड में पारदर्शिता लाने और बोर्ड की खोई प्रतिष्ठा वापस लाने की बात कही। जगमोहन डालमिया का 20 सितंबर को निधन होने के बाद से ही बोर्ड अध्यक्ष पद रिक्त चल रहा था और नए अध्यक्ष के चयन के लिए एसजीएम बुलाई गई थी।

बीसीसीआई के संविधान के अनुसार, अध्यक्ष के निधन के 15 दिनों के भीतर एसजीएम बुलाए जाने की सूचना जारी करनी होती है, जिसमें अगले अध्यक्ष का चुनाव होता है। पेशे से वकील मनोहर इससे पहले भी 2008 से 2011 के बीच बोर्ड अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। पूर्व जोन के सभी छह संबद्ध खेल संघों ने शेष दो वर्ष के कार्यकाल के लिए मनोहर को नामांकित किया था।

रोटेशन प्रणाली के अनुसार, बोर्ड अध्यक्ष चुने जाने की बारी इस बार पूर्व जोन को थी और चूंकि मनोहर पद के लिए एकमात्र प्रत्याशी थे, उन्हें दोबारा अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुन लिया गया। मनोहर को नामांकित करने वाले छह लोगों में नेशनल क्रिकेट क्लब (एनसीसी) के प्रतिनिधि के तौर पर डालमिया के बेटे अभिषेक भी शामिल थे।

मनोहर के नाम की संस्तुति करने वाले अन्य लोगों में बंगाल से सौरभ गांगुली, त्रिपुरा से सौरभ दासगुप्ता, असम से गौतम रॉय, ओडिशा से आशीर्वाद बेहेरा और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) की ओर से संजय सिंह शामिल थे। अध्यक्ष चुने जाने के बाद मनोहर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमें बोर्ड से जुड़े कुछ मुद्दों पर काम करने की जरूरत है और जल्द से जल्द हमें बोर्ड की प्रतिष्ठा वापस लानी होगी। मुझे बोर्ड से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार करने के लिए दो महीनों का समय चाहिए।’

नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा, ‘डालमिया ने जिस दिशा में काम करना शुरू किया था मैं उसे आगे बढ़ाऊंगा। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ तरीके से अपने कतर्व्य का निर्वहन करने की कोशिश करूंगा।’ मनोहर ने कहा, ‘मेरे काम करने की पहली प्राथमिकता बोर्ड में हितों से जुड़ा मामला है। बोर्ड अपने सदस्यों के हितों के संबंध में दिशा-निर्देश बनाएगा और इसे एक महीने के भीतर कर लिया जाएगा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘बोर्ड इसके अलावा स्वतंत्र रूप से काम करने वाले एथिक्स अधिकारी के लिए एक प्रतिपूर्ति कोष की स्थापना करेगा, जो बोर्ड प्रशासकों, खिलाड़ियों और अन्य कर्मचारियों के हितों से संबंधित शिकायतें देखेगा।’ शशांक मनोहर ने बीसीसीआई में बतौर अध्यक्ष अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान अपना दूसरा लक्ष्य बोर्ड से भ्रष्टाचार के दूर करने को बताया।

उन्होंने कहा, ‘मेरी दूसरी प्राथमिकता ऐसे नियम बनाना और ऐसे उपाय करना होगा जिससे खेल से भ्रष्टाचार को दूर रखा जा सके। इसके लिए बोर्ड खिलाड़ियों को जागरुक करने के लिए कार्यक्रम बनाएगा।’ मनोहर ने आगे कहा, ‘हम ससंद सदस्य और बोर्ड के सजिव अनुराग ठाकुर के साथ सरकार के अधिकारियों से मिलेंगे ताकि हम किसी जांच एजेंसी की सेवाएं ले सकें, क्योंकि हमारे पास जांच की शक्ति न होने के कारण हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’

मनोहर ने अपनी तीसरा प्राथमिकता बोर्ड से संबद्ध राज्य संघों के काम-काज पर अगले कुछ महीनों तक निगरानी रखना और उनकी आडिटिंग के लिए एक स्वतंत्र लेखाकार की नियुक्ति करना बताया। उन्होंने कहा, ‘इसे लेकर काफी बहसें हो रही हैं कि राज्य संघों काफी बड़ी मात्रा में बोर्ड को धनराशि का भुगतान करते हैं और उन रुपयों का क्या होता है कोई नहीं जानता। क्या ये रुपये क्रिकेट पर खर्च किए जाते हैं या कहीं और? मेरी तीसरी प्राथमिकता इसकी निगरानी करने की होगी।’

अगले दो साल के लिए अध्यक्ष चुने गए मनोहर ने कहा कि बोर्ड अपने नियमों और दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अपने खर्चो का पूरा ब्यौरा भी अपने आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा, ताकि बोर्ड के काम-काज में पारदर्शिता लाई जा सके। बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने बोर्ड का नया अध्यक्ष चुने जाने पर उन्हें बधाई दी।

अनुराग ने कहा, ‘डालमिया के निधन के बाद हमें नए अध्यक्ष का चयन करना था और पूर्व जोन के सभी छह खेल संघों ने मनोहर का नाम प्रस्तावित किया और वह निर्विरोध चुन लिए गए।’ अनुराग ने कहा, ‘मनोहर ने अपने पिछले कार्यकाल में जितनी अच्छी तरह बोर्ड का काम किया वह हम सभी ने देखा है। अध्यक्ष मनोहर के मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेट का चहुंमुखी विकास होगा।’