गन्ना किसानों की सांकेतिक तस्वीर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को कहा कि केंद्र के उपेक्षापूर्ण रवैये के बावजूद राज्य सरकार गन्ना किसानों के 75 से 80 फीसदी बकाए का भुगतान अगले महीने तक कर देगी।

उधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने के भुगतान में केंद्र सरकार की उपेक्षा की वजह से कठिनाई हो रही है, लेकिन फिर भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से नवंबर तक गन्ना किसानों के 75 से 80 फीसदी तक का बकाया भुगतान कर देगी।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने बासमती धान की उचित कीमत न मिलने के लिए भी केंद्र को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि केन्द्र सरकार की नीति के कारण निर्यात बन्द होने से किसानों को बासमती धान की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है।

गन्ना किसानों की सांकेतिक तस्वीर
गन्ना किसानों की सांकेतिक तस्वीर

मुख्यमंत्री ने जलाशय के किनारे रहने वाले राय सिक्खों को राजस्व ग्राम में शामिल करने व उनके नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करने हेतु जिलाधिकारी को अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने जिलाधिकारी से राय सिख समाज व बंगाली समाज के लोगों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए दून विश्वविद्यालय द्वारा की गई एथनोग्राफिक स्टडी के आधार पर प्रस्ताव बनाने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की सदस्यता वाली यह समिति अपनी रिपोर्ट दिसम्बर तक राज्य सरकार को सैापेंगी जिसके बाद उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।