नई दिल्ली।… नरेन्द्र मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी मिशन को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में परिचालित किया जाएगा और केंद्र सरकार ने इस उद्देश्य से पांच साल के दौरान 48,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव किया है।

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत शहरी विकास मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत बराबर की हिस्सेदारी के आधार पर समान धनराशि का अंशदान राज्य एवं स्थानीय शहरी निकायों द्वारा किया जाएगा।

शहरी विकास मंत्रालय ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य दोनों के सरकारी अनुदान के साथ बाह्य एवं आंतरिक स्रोतों से वित्त आकर्षित करके आश्वयक धनराशि जुटायी जाएगी।

आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2015-16 में स्मार्ट सिटी स्कीम के कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। स्मार्ट सिटी के संबंधी में शीर्ष समिति ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्मार्ट सिटी प्रस्ताव तैयार करने के वास्ते 200 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है जो प्रत्येक सिटी के हिसाब से 2 करोड़ रुपये आएगा।

मंत्रालय ने बताया कि स्मार्ट सिटी की चयन प्रक्रिया प्रतिस्पर्धात्मक और सहकारी संघवाद की परिकल्पना पर आधारित है। राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा भेजी गई सिफारिशों और शीर्ष समिति द्वारा किए गए उचित विचार विमर्श के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने प्रथम चरण में चयनित 98 संभावित स्मार्ट सिटी का अनुमोदन किया है।

दिल्ली स्थित आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद ने शहरी विकास मंत्रालय से स्मार्ट सिटी योजना का पूरा ब्यौरा मांगा था। आरटीआई के तहत मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रत्येक चयनित किए गए शहर को चुनौती के दूसरे चरण में दिशानिर्देश के अनुसार अपने स्मार्ट सिटी प्रस्ताव तैयार करने होंगे। प्रत्येक शहर को स्मार्ट सिटी के लिए अपनी स्वयं की संकल्पना, दृष्टि, मिशन और योजना का प्रस्ताव तैयार करना होगा जो स्थानीय संदर्भ, संसाधनों और महत्वाकांक्षा के स्तर के लिए उचित हो।

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इसके बाद स्मार्ट सिटी प्रस्ताव में दृष्टि, संसाधन जुटाने की योजना, आधारभूत संरचना के उन्नयन के बारे में भागीदारी से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी होगी। मंत्रालय ने बताया कि शहर के स्तर पर स्मार्ट सिटी मिशन का कार्यान्वयन विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) द्वारा किया जाएगा।

एसपीवी द्वारा स्मार्ट सिटी के विकास की परियोजनाओं का खाका, मूल्यांकन, अनुमोदन, धनराशि जारी करना, कार्यान्वयन, प्रबंधन, परिचालन, निगरानी आदि किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रथम चरण के लिए गुजरात से छह शहरों, हरियाणा से दो, कर्नाटक से छह, महाराष्ट्र से 10, ओडिशा से दो, राजस्थान से चार, तमिलनाडु से 12, तेलंगाना से 2, मध्यप्रदेश से सात, उत्तर प्रदेश से 12, पश्चिम बंगाल से 4, राजस्थान से 4, बिहार से 3, आंध्रप्रदेश से 3, छत्तीसगढ़ से 2 तथा अंडमन निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, चंडीगढ़, दमन दीव, दादरा नगर हवेली, दिल्ली, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, लक्ष्यद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड से एक-एक शहर को चुना गया है।