देहरादून।… अडानी समूह से पिछले महीने हुई शुरुआती चर्चा के बाद उत्तराखंड सरकार ने अब उसे राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत के लिए औपचारिक रूप से इस हफ्ते बुलाया है। देहरादून में उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने दावा किया कि अडानी समूह राज्य में 3,000-5,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तैयार है।

मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा, ‘हम अडानी समूह के साथ विस्तृत बातचीत आठ अक्टूबर को करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान बातचीत का फोकस सौर ऊर्जा, जलविद्युत, खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज, विद्युत वितरण और विभिन्न अन्य क्षेत्रों पर रहेगा।

पिछले महीने के आखिर में, कंपनी के उच्च अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की संभावना पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया था। इस दौरान रावत ने हालांकि, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य के मैदानी क्षेत्रों में जमीन दे पाने में अपनी असमर्थता व्यक्त की थी लेकिन यह भी कहा था कि पहाडों में इस कार्य के लिए जमीन उपलब्ध हो सकती है।

इस बारे में रावत ने कहा था कि कंपनी के अधिकारियों को सौर ऊर्जा परियोजनाए लगाने के लिए राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में संभावनाए तलाशनी चाहिए, क्योंकि वहां जमीन उपलब्ध हो सकती है। सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए पहाडों को बेहतर बताते हुए शर्मा ने भी कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से विशेष प्रोत्साहन देने का आग्रह करेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में जलविद्युत परियोजनाओं के रास्ते में आ रही कानूनी अड़चनों के मददेनजर वह सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन के मानक में शिथिलता देने के मसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी रखेंगे।

अडानी समूह राज्य में औद्योगिकीकरण और खाद्य प्रसंस्करण तथा अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाए तलाशेगा। शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेब प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम कर रहा अडानी समूह उत्तराखंड में भी ऐसी संभावनाए खोज सकता है।