उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून को जल्द ही मेट्रो जैसी लेकिन ज्यादा पर्सनल और छोटी परिवहन सुविधा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह सपना उनके संसदीय क्षेत्र बनारस से पहले देहरादून में साकार होने जा रहा है।

पीएम मोदी ने अबू धाबी में जिस पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (पीआरटीएस) में सफर करने के बाद उसे बनारस में भी लांच करने की योजना बनाई थी, उस पर देहरादून में काम शुरू होने वाला है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति और इम्पावर्ड कमेटी ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर ने योजना को मंजूरी दे दी है।

अब इस योजना को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। योजना के लिए 2200 करोड़ रुपये का बजट अनुमानित है। योजना के तहत एमडीडीए कार्यालय से साईं मंदिर तक पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का ट्रैक बनाया जाएगा। सड़क के बीच डिवाइडर पर पिलर खड़े करके उनके ऊपर ट्रैक तैयार किया जाएगा।

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ट्रैक पर बिना ड्राइवर एयर कंडीशंड कारें (पोड्स) दौड़ेंगी। पोड्स का सफर करने के लिए सभी स्टेशन पर एक टच पैनल वाला बुकिंग सिस्टम होगा, जिसमें बुकिंग कराने के बाद संबंधित स्टेशन तक का सफर किया जा सकेगा। योजना की उपयोगिता पर देहरादून में पिछले तीन साल से अध्ययन किया जा रहा था।

पोड्स में एक बार में कुल छह यात्री सफर कर पाएंगे। इसमें चार वयस्क और दो बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक पोड्स में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे, जो कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। यात्रियों की प्रत्येक गतिविधि कंट्रोल रूम में रिकॉर्ड होगी।

करीब 850 किलोग्राम वजन की पोट्स बैटरी की मदद से चलेंगी। इनकी अधिकतम रफ्तार 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। इसमें कंट्रोल रूम से संपर्क करने के लिए ऑडियो और वीडियो की सुविधा होगी। 2.15 मीटर व्हील बेस वाली प्रत्येक पोड्स कुल 3.7 मीटर लंबी होगी।