तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। भागवत यहां स्थित स्वामी दयानंद आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। गंगा का आचमन लेने के दौरान अचानक भागवत का पैर फिसल गया।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार शाम मुनि की रेती के शीशमझाड़ी स्थित दयानंद आश्रम पहुंचे। उन्होंने यहां स्वामी दयानंद की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर ब्रह्मलीन संत को श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए भागवत ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती हम सबके मार्गदर्शक थे। वह एक उच्च कोटि के वैदिक शिक्षक थे। भागवत ने कहा कि वेदांत के तत्वज्ञान के आधार पर व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन, व्यवहार में कैसे रहें, इसकी बहुत ही सटीक और उचित सलाह उनसे मिलती रहती थी।

स्वामी दयानंद की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद भागवत संघ कार्यकर्ताओं के साथ गंगा का आचमन लेने पहुंचे। यहां जिस पत्थर पर खड़े होकर वह आचमन कर रहे थे, उससे उनका पैर फिसल गया। इस बीच पास खड़े एक कार्यकर्ता ने उनका हाथ पकड़कर बमुश्किल संभाला। जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।