मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में घर में शौचालय निर्माण की मांग को अनसुना किया गया, तो नवविवाहिता ने ससुराल ही छोड़ दिया। यह वही जिला है जहां शौचालय निर्माण के लिए चल रही मुहिम का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में जिक्र किया था।

मामला शाहपुर विकास खंड के पतौवापुरा के चौकीपुरा गांव का है, यहां के मोहन पटेल का विवाह पिपरिया निवासी सीमाबाई के साथ साल 2012 में हुआ था। विवाह के बाद से ही सीमा द्वारा लगातार ससुराल में शौचालय बनाने की मांग की जा रही थी, लेकिन ससुराल पक्ष ने इसे न तो गंभीरता से लिया और न ही पूरा किया। इससे नाराज सीमाबाई अंतत: मायके चली गई और अब वहीं रह रही है।

पत्नी के मायके चले जाने से परेशान मोहन पटेल परिवार परामर्श केंद्र की शरण में पहुंचा और पत्नी सीमाबाई को वापस ससुराल बुलाने की गुहार लगाई। शाहपुर परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य रजनी गायकवाड़ ने पूरे मामले की जांच करने और सीमाबाई से चर्चा करने के बाद मोहन पटेल को एक महीने के भीतर शौचालय निर्माण करने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार जैन के संज्ञान में आने पर उन्होंने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में पुलिस भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। शौचालय बनवाने के निर्देश देने से जहां स्वच्छता अभियान फलीभूत होगा, वहीं एक परिवार टूटने से भी बच जाएगा। परिवार परामर्श केंद्र स्वच्छता के साथ परिवार जोड़ने का भी काम कर रहा है।

बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले अपने कार्यक्रम मन की बात में बैतूल जिले में स्वच्छ भारत और शौचालय निर्माण के लिए चल रहे अभियान का जिक्र कर प्रशंसा भी की थी। इस जिले में घर-घर शौचालय बनाने के लिए कई नवाचार हुए हैं।