पौड़ी जिले में तराई क्षेत्र के कोटद्वार को गढ़वाल का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। इसी कोटद्वार शहर में दो-तीन दिन से खराब माहौल अब सामान्य हो गया है। गुरुवार को स्कूल, कॉलेज और बाजार खुल गए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और पीएसी की भी लगातार गश्त जारी है।

हालांकि शहर में हफ्ता-दस दिन और धारा 144 बरकरार रहेगी। गुरुवार सुबह से आम दिनों की तरह बाजार खुले तो शहर में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार शाम तक सुनसान पड़े शहर के प्रमुख बाजार और मार्गों पर फिर से चहल-पहल शुरू हो गई।

हालात को पूरी तरह काबू में बताते हुए डीएम और एसपी भी गुरुवार को जिला मुख्यालय पौड़ी लौट गए। शहर में चार कंपनियां पीएसी और दूसरे थानों की पुलिस फोर्स कुछ दिन और बनी रहेगी। गुरुवार को झंडाचौक, गोखले मार्ग, स्टेशन रोड, नजीबाबाद मार्ग, देवीरोड फिर से गुलजार हो गए। तहसील क्षेत्र के स्कूल कॉलेज खोल दिए गए हैं।

शहर की चहल-पहल देखकर ऐसा नहीं लगा कि दो दिन पहले यहां तोड़फोड़ के बाद बवाल मचा हो। शहर में यातायात सामान्य तरीके से चला। रोडवेज, जीएमओयू, ऑटो और जीप टैक्सियां भी खचाखच भरकर चलीं। सड़कों पर ठेली, रेहड़ी वाले भी चलने लगे।

हालात सामान्य होने पर व्यापारियों, शहरवासियों, परिवहन कंपनियों के साथ ही पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष राकेश गर्ग और जिलाध्यक्ष सेवकराम मानूजा का कहना है कि दो दिन के बंद से शहर में करोड़ों रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है।

उधर, गुरुवार को कई संगठनों ने शहर का माहौल ठीक होने पर संतोष जताया। जनअधिकार संयुक्त संघर्ष समिति की एक बैठक में सांप्रदायिक सौहार्द के लिए एक पीस कमेटी का गठन किया गया, जो गांधी जयंती दो अक्तूबर को सुबह दस बजे हिंदू पंचायती धर्मशाला से तहसील तक एक शांति मार्च निकालेगा।