वैसे तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत राजनीति की व्यवहारिक पढ़ाई खूब कर चुके हैं। लेकिन अब वे एक बार फिर से आजकल आठवीं की किताबें पढ़ रहे हैं। साठ की उम्र पार कर चुके हरीश रावत मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ठाठ से बैठे हैं। लेकिन इस उम्र में 8वीं की पढ़ाई कुछ अजीब जरूर लगती है। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्‍यमंत्री हरीश रावत को ये किताबें भी कुछ समझ भी नहीं आ रही हैं।

मुख्‍यमंत्री का यही अंदाज गुरुवार को लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। राजकीय इंटर कॉलेज नालापानी में स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कुछ इसी अंदाज भी अपने बातें मीडियाकर्मियों के सामने जाहिर की। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने का मन करता है, इसलिए आजकल वह आठवीं की किताबें पढ़ रहे हैं।

हालांकि अगले ही पल उन्होंने ये भी कहा कि किताबी ज्ञान कुछ समझ में नहीं आ रहा है। दरअसल, सीएम ने यह इशारा मंच पर बैठे नेताओं की ओर किया था और आगे ये भी कहा कि समय के साथ पढ़ाई जरूरी है और सेलेबस भी बदल रहा है। लिहाजा, नेताओं को भी बच्चों के लिए रोजाना समय निकालना चाहिए।

महिला आयोग की ओर से शपथ दिलाने के कार्यक्रम के दौरान मुख्‍यमंत्री बेहद अलग अंदाज में दिखे। जब बच्‍चों के बीच पहुंचे तो बिल्‍कुल उन्‍हीं की तरह बन गए। कई बच्‍चों के कहने पर उन्‍हें ऑटोग्राफ भी दिए।