नेपाल जंहा इस समय संविधान को लेकर उपजे आंतरिक विवाद में झुलस रहा है। वहीं इसकी आंच अब उत्तराखंड से लगे नेपाल बार्डर तक पहुंचने लगी है। इसके कारण नेपाल और भारत की उत्तराखंड से लगी जनता परेशानियों का सामना कर रही हैं।

वहीं उत्तराखंड सीमा पर भाईचारा, सौहार्द और सांजस्य बैठाने के उद्देश्य से नेपाल के महेन्द्रनगर में राष्ट्रीय जनमोर्चा पार्टी नेपाल ने नेपाल के राजनतिक दलों की एक साझा बैठक का आयोजन किया।

उत्तराखंड से लगे नेपाल बार्डर पर माओवादी छात्र संगठन की भारतीय वाहनों की नेपाल में न आने देने की चेतावनी के बाद पिछले पांच दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई है।

इस बैठक में नेपाल के जनमोर्चा पार्टी के नेता का कहना है कि आंदोलन भारत की जनता के विरूद्ध न होकर शासक वर्ग की गलत नितियों के खिलाफ है। वहीं वह भारत की जनता और मीडिया से चाहते है कि नेपाली जनता के सर्मथन में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवाज उठाएं।

वहीं बैठक में मौजूद माओवादी नेताओं ने जहां भारत की ओर से मात्र एक वर्ग का समर्थन करने को गलत बताया, वहीं नेपाल व भारत को कूटनीतिक आधार पर जल्द स्थितियों को सामान्य कर दोनों देशों के सम्बंधों को मधुर बनाए जाने की बात कही है।