रुद्रप्रयाग।… उत्तराखंड क्रांति दल ने 2 अक्टूबर के दिन मुजफ्फनगर कांड की 21वीं बरसी पर शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को याद किया। उन्होंने शहीदों के हत्यारों को अभी तक सजा नहीं मिलने पर रोष भी व्यक्त किया।

दो अक्टूबर 1994 को उत्तराखंड आंदोलन के दौरान मुजफ्फनगर में शहीद हुए आंदोलनकारियों की याद में उत्तराखंड क्रांति दल ने बैठक कर शहीदों के तस्वीरों पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें याद किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनने के 15 साल बीत जाने के बाद भी ना तो शहीदों के हत्यारों को सजा मिल पाई है और ना हीं शहीदों की जन भावनाओं के अनुरुप राज्य बन पाया है।

उन्होंने कहा कि इसी दिन 1994 को एक ओर देश महात्मा गांधी को याद कर रहा था, वहीं दूसरी ओर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे आंदोलनकारियों को गोलियों से भूना जा रहा रहा था। कहा कि इस जघन्य कांड के लिए तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ बीजेपी व कांग्रेस भी बराबर के दोषी हैं।

राज्य बनने के बाद दोनों पार्टियां बारी-बारी से सत्ता पर काबिज रहीं। दल के वरिष्ठ नेता अवतार सिंह राणा ने कहा कि सरकार स्थाई राजधानी गैरसैंण के नाम पर महज भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। जिसे येकेडी बर्दाश्त नहीं करेगा। अक्टूबर से जिले में जन चेतना यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को जागृत किया जाएगा। दो नवंबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

दल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र चमोली ने कहा कि उत्तराखंड को बचाने व उत्तराखंड को बसाने के लिए पुन: एक और आंदोलन की जरूरत है।

उत्तराखंड क्रांति दल (पी) की ओर से जिला मुख्यालय गोपेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। संगोष्ठी मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को फांसी देने की मांग की गई। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कहा कि बीजेपी-कांग्रेस ने शहीदों के सपनों को राज्य निर्माण के बाद चकनाचूर कर दिया है।

रामपुर तिराहा कांड के 21 साल बीतने के बाद भी आज तक दोषियों को सजा न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।