टाउनहॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बताया कि जब उनकी कंपनी एक मुश्किल दौर में थी, तब स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत के एक आश्रम में जाने की सलाह दी थी।

जुकरबर्ग के मुताबिक उन्हें भी वहां जीवन को बदलने वाले एक आध्यात्मिक प्रतिबिंब का एहसास हुआ था। भारतीय आध्यात्म से बेहद प्रभावित स्टीव जॉब्स 1970 के आसपास उत्तराखंड के नैनीताल जिले में बने कैंची धाम आश्रम आए थे।

neem-karoli-babaनीम करौली बाबा

यह आश्रम नीम करौली बाबा के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि नीम करौली बाबा हनुमान के बहुत बड़े भक्त थे। स्टीव जॉब्स का कहना था कि यहां आने के बाद ही उन्हें अपनी कंपनी ‘एप्पल’ को बनाने का रास्ता दिखाई दिया था।

हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट भी नीम करौली बाबा से बेहद प्रभावित रही हैं और भारतीय आध्यात्म में उनकी रुचि भी उन्हीं की वजह से रही।