अगर आप उत्तराखंड में बिजनेस करना चाहते हैं और आपके पास उद्योग लगाने के लिए कोई आईडिया है तो आपके लिए खुशखबरी है। अब उत्तराखंड में अधिकतम 15 दिन में उद्योग स्थापित किया जा सकेगा।

ऑनलाइन आवेदन निस्तारित करने के लिए पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है। एकल खिड़की व्यवस्था के तहत अब उत्तराखंड के विभागों को उद्योग धंधे को स्थापित करने का हर आवेदन 15 दिन के अंदर-अंदर स्वीकृत करना होगा। मतलब यह भी की प्रदेश में अधिकतम 15 दिन में उद्योग स्थापित किया जा सकेगा।

राज्य के मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने इसका आदेश दिया। कई विभागों ने इस काम के लिए 30 दिन से अधिक का समय भी मांगा हुआ था। उद्यमियों के लिए राहत वाली बात यह है कि ऑनलाइन आवेदन निस्तारित करने के लिए पोर्टल भी एनआईसी ने तैयार कर लिया है।

राज्य में उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुपालन अधिनियम 2012 में लागू हो गया था। नियमावली न होने के कारण यह मामला अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाया है। अगस्त, 2015 में नियमावली को भी तैयार कर लिया गया पर आवेदनों के निस्तारण के लिए समय सीमा तय न होने और एनआईसी का पोर्टल तैयार न होने के कारण प्रदेश में एकल खिड़की व्यवस्था धरातल पर उतर नहीं पाई।

नियमावली के तहत अधिकतर विभागों ने आवेदनों के निस्तारण के लिए 30 दिन का समय मांगा और कुछ विभाग ऐसे भी हैं जिन्हें करीब चार महीने का समय चाहिए। सोमवार को बैठक में मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने अधिकतम समय सीमा 15 दिन करने का आदेश दिया।

मुख्य सचिव का कहना था कि कोई भी काम ऐसा नहीं है जिसके लिए 15 दिन से अधिक के समय की जरूरत हो। तय किया गया कि समय सीमा निर्धारण करने के साथ ही चार-पांच दिन में नियमावली भी जारी कर दी जाएगी।

विभागों के लिए ऑनलाइन काम करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी एनआईसी ने तैयार कर लिया है। इस पोर्टल के जरिए उद्यमियों को ऑनलाइन यह भी पता लग जाएगा कि उनके आवेदन पर कितनी प्रगति हुई।

अधिनियम के तहत जिलाधिकारियों को दो करोड़ तक के उद्यम को स्थापित करने की स्वीकृति का अधिकार दिया गया है। इससे अधिक की स्वीकृति के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी के पास आवेदन जाएगा। यह व्यवस्था सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम आकार के उद्योगों के लिए की गई है।

उद्योग विभाग, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्नि शमन, श्रम, कारखाना, वाणिज्य कर, तकनीकि शिक्षा, ऊर्जा निगम, पर्यटन, सिडकुल, सीडा, कृषि, उद्यान, राजस्व विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, भार एवं माप, आबकारी, वन, जिला प्रशासन, भूतत्व एवं खनिकर्म, जल संस्थान इन 20 विभागों को निस्तारित करने होंगे आवेदन।