देहरादून।… साल 2013 में आई प्रलयंकारी आपदा के बाद लगातार तीसरे साल चल रही चार धाम यात्रा से उत्साहित उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए आगामी 24 नवंबर को सुरक्षित उत्तराखंड दिवस मनाने का निर्णय किया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस संबंध में मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों में स्थापित मूर्तियों को शीतकालीन प्रवास पर ले जाए जाने के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक जुलूसों को पहले की अपेक्षा ज्यादा समारोहपूर्वक ढंग से आयोजित किया जाए।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के आगमन पर चारों धाम के कपाट विधि-विधान के साथ बंद होने और उनमें स्थित मूर्तियों की डोलियां इनके शीतकालीन प्रवास स्थलों की ओर रवाना होने के समय मंदिर समिति के सहयोग से इस अवसर पर आयोजित होने वाली यात्राओं को उनके पारम्परिक रूप के साथ ही भव्यता से आयोजित किया जाए।

उन्होंने कहा कि हर साल होने वाली इन यात्राओं का व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु और पर्यटक इन यात्राओं में शामिल हो सकें और इनके शीतकालीन प्रवास स्थलों के बारे में जान सकें।

रावत ने कहा कि 24 नवम्बर का दिन ‘सुरक्षित उत्तराखंड’ के तौर पर आयोजित किया जाए तथा शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए एक नवम्बर से 24 नवम्बर तक पर्यटकों को आवास, भोजन और यातायात में 30 फीसदी तक विशेष छूट दिए जाने की भी योजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को जागेश्वर और मदमहेश्वर में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने तथा वहां भी पर्यटकों को 30 फीसदी छूट देने को कहा।