जीवनशैली और खानपान की आदतों में बदलाव की वजह से शहरी भारत में 60 फीसदी से अधिक महिलाओं को दिल की बीमारियों का खतरा होता है। यह खुलासा एक अध्ययन में हुआ है।

भारत के दस बड़े शहरों में कराए गए अध्ययन में 30 से 45 साल की आयुवर्ग की करीब 1300 शहरी भारतीय महिलाओं में दिल की बीमारियों के जोखिम की वजहों का विश्लेषण किया गया।

विश्व हृदय दिवस से एक दिन पहले जारी अध्ययन के निष्कर्ष कहते हैं कि ऐसी 61 फीसदी महिलाओं को हृदय संबंधी रोगों का जोखिम होता है।

‘सफोला लाइफ’ सर्वेक्षण के अनुसार जो महिलाएं इस जोखिम के दायरे में देखी गईं, उनमें से 74 प्रतिशत महिलाओं के पेट और कमर का आकार सामान्य से अधिक है।

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मेडिका सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ कुणाल सरकार ने कहा कि महिलाओं में खानपान की आदतों और अस्वास्थ्यकर चीजें खाने-पीने की वजह से खतरे धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। इन आदतों में खाने की चीजें अधिक मात्रा में खाना, देर रात भोजन करना आदि शामिल हैं।

इसी अध्ययन के अनुसार मुंबई में इस तरह के जोखिम में मानी जाने वाली 89 प्रतिशत महिलाएं अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में आती हैं।