टनकपुर।… पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल में संविधान लागू होने के बाद एकीकृत माओवादी पार्टी में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। गुस्साए माओवादी संगठन ने भारत को धमकी दे डाली है।

एकीकृत माओवादी पार्टी के छात्र संगठन की धमकी के बाद सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों ने उत्तराखंड के बनबसा और टनकपुर बॉर्डर से भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगा दी।

हालांकि नेपाली वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही जारी रही। एकीकृत छात्र संगठन (माओवादी वैद्य गुट) के अध्यक्ष राम बहादुर मेहरा ने रविवार को बयान जारी कर नेपाल में भारतीय वाहनों के दिखाई देने पर उनको आग लगाने की धमकी दी थी।

मधेसियों को भारत से समर्थन मिलने का आरोप
एकीकृत माओवादी छात्र संगठन का आरोप है कि भारत सरकार मधेसियों के समर्थन में नेपाल के संविधान में दखल दे रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेपाल में संविधान लागू होने के बाद वहां के हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

उग्र प्रदर्शन और हिंसा के चलते उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल वैधानिक मार्गों से सामान से लदे वाहन पिछले तीन-चार दिन से भारतीय सीमा पर खड़े हैं, जिसके चलते नेपाल में जरूरी सामान की आपूर्ति ठप हो गई है।

सीओ रंजन सिंह रौतेला ने बताया कि नेपाल के छात्र नेताओं की चेतावनी के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है। हालांकि, नेपाली वाहनों के भारत में प्रवेश पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाई गई है। उन्होंने बताया कि हालात सामान्य होने पर ही भारतीय वाहनों को नेपाल जाने की अनुमति दी जाएगी।

उधमसिंह नगर जिले में भी पुलिस बल अलर्ट
उधर, ऊधमसिंह नगर जिले की सीमा से लगी सिमलघाट, नारायन नगर, झप्पूझाला, मेलाघाट और सिसैया एसएसबी चौकियों पर तैनात जवानों द्वारा सीमा पार जाने वाले भारतीय वाहनों पर सोमवार को रोक दिया।

अलबत्ता, पैदल आने-जाने वालों को चेकिंग के बाद जाने दिया गया। एसएसबी के सेनानायक केसी राणा ने कहा कि बनबसा में दोनों देशों के सीमावर्ती अधिकारियों की हुई बैठक में सीमा पर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है, जिसके तहत पूरी सीमा पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

एसएसबी के अलावा पुलिस और खुफिया विभाग भी सीमा पार और सीमा पर घटने वाली किसी भी घटना के प्रति नजर बनाए हुए हैं।

बनबसा बाजार का कारोबार भी हुआ प्रभावित
भारतीय वाहनों के नेपाल में दिखाई देने पर आग लगाने की छात्र नेता की धमकी से सोमवार को भारत-नेपाल के बीच आवागमन और बनबसा बाजार का कारोबार प्रभावित रहा। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल और देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी के मुताबिक कारोबार 60 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है।