5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे बीजेपी विधायक

देहरादून।.. मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा जेल में बंद बीजेपी विधायक की पत्नी और पुत्र से मिलने के लिए कथित रूप से मना कर देने और उनके खिलाफ कथित शांति भंग के आरोप में मुकदमा दर्ज किये जाने से क्षुब्ध उत्तराखंड की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सोमवार को कहा कि उसके सारे विधायक पांच अक्टूबर को राज्य सरकार के बढ़ते अहंकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असम्मान के विरोध में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे और उसके बाहर प्रदर्शन करेंगे।

देहरादून में एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात की घोषणा करते हुए, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और रानीखेत से बीजेपी विधायक अजय भट्ट ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से मना करने के तुरंत बाद अब हाल में मुख्यमंत्री रावत ने जेल में बंद गदरपुर के बीजेपी विधायक अरविंद पांडे की पत्नी और पुत्र से मिलने से भी मना कर दिया, जबकि वे दोनों उनसे न्याय की गुहार लगाने गए थे। भट्ट ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने न केवल जेल में बंद विधायक के परिवार से मिलने के लिये मना कर दिया बल्कि मां-बेटे दोनों के खिलाफ कथित शांति भंग के आरोप में मुकदमा तक दर्ज करा दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस व्यवहार से राज्य सरकार में बढते अहंकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके असम्मान का ही पता चलता है। बीजेपी नेता ने कहा, ‘गदरपुर से हमारे विधायक को राज्य सरकार के एक अधिकारी के साथ कथित रूप से बदसलूकी और मारपीट के मामले में फंसाया गया है और उनका परिवार मुख्यमंत्री के पास पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग को लेकर उनके पास गया था, लेकिन न केवल उन्हें वहां से वापस कर दिया गया बल्कि उनके खिलाफ शांति भंग के आरोप में मुकदमा भी कर दिया गया।’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री के दिमाग पर सत्ता हावी हो गई है और वह लोकतांत्रिक मूल्यों का लिहाज भी भूल गए हैं।

भट्ट ने बताया कि पिछले हफ्ते राज्य के मुख्यमंत्रियों भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंस कपूर जैसे वरिष्ठ नेताओं वाले एक प्रतिनिधिमंडल के साथ भी मुख्यमंत्री रावत ने ऐसा ही व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस प्रकार के व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बीजेपी नेता ने कहा कि इसका विरोध करने के लिए सभी बीजेपी विधायक आगामी पांच अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे और उसके बाहर धरना देंगे।

उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने गदरपुर विधायक पांडे के मामले की उच्च स्तरीय जांच की अपनी मांग रखने के लिए मुख्यमंत्री रावत से मिलने का समय लिया था लेकिन घंटों इंतजार कराने के बाद उसे दरवाजे से ऐसे ही लौटा दिया गया।

गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडे पर आरोप है कि उन्होंने पिछले महीने अपने क्षेत्र में एक सरकारी अधिकारी के साथ बदसुलूकी और मारपीट की। इसी आरोप में विधायक पांडे जेल में बंद हैं।

पांडे का बचाव करते हुए भट्ट ने कहा कि वह निर्दोष हैं और उन्हें सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के इशारे पर मामले में झूठा फंसाया गया है।