उत्तराखंड में जिला स्तर पर पटवारी और लेखपाल के खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पांच अक्टूबर से शुरू होगी। सरकार ने जिलाधिकारियों (डीएम) को पांच अक्टूबर से दस अक्टूबर के बीच भर्ती के विज्ञापन जारी करने का आदेश जारी किया है।

राजस्व सचिव डीएस गर्ब्याल का कहना है कि भर्ती की प्रक्रिया को समयबद्ध कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को एक मार्च, 2016 से पहले-पहले प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है, ताकि एक मार्च 2016 से ट्रेनिंग शुरू कराई जा सके। गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

भर्ती प्रक्रिया की कमेटी में ये लोग होंगे शामिल
जिलाधिकारी : अध्यक्ष
एसएसपी, एसपी : सदस्य
सीडीओ : सदस्य
एडीएम वित्त, राजस्व, प्रशासन : सदस्य
जिला कल्याण अधिकारी : सदस्य

शारीरिक दक्षता के लिए कमेटी इस प्रकार होगी
जिलाधिकारी : अध्यक्ष
एसएसपी, एसपी : सदस्य
सीडीओ : सदस्य
जिला खेल अधिकारी : सदस्य

ये है भर्ती का पूरा शेड्यूल
5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर : जिलों में विज्ञापन जारी होंगे
10 नवंबर, 2015 : आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख
11 नवंबर – 20 नवंबर : आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी
30 नंवबर : प्रवेश पत्र जारी करने की अंतिम तारीख
15 दिसंबर – 20 दिसंबर : शारीरिक दक्षता परीक्षण अवधि
27 दिसंबर : लिखित परीक्षा
15 जनवरी : परीक्षा परिणाम
15 फरवरी : प्रमाण पत्रों का सत्यापन
01 मार्च 2016 : ट्रेनिंग शुरू

2003 के पटवारी भर्ती घोटाले से सबक लेकर इस बार पटवारी भर्ती मामले में सरकार ने फूंक-फूंककर कदम रखा है। इस बार की भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू को हटा दिया गया है और चयन के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा रखी गई है। इसके साथ ही पटवारी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता के मापदंड से गुजरना होगा और इसमें पास होने पर ही वे लिखित परीक्षा में बैठ पाएंगे।

गुरुवार को जारी शासनादेश के मुताबिक पटवारियों और लेखपाल के रिक्त पदों के लिए भर्ती जिला स्तर पर होगी। इसके लिए सरकार ने जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का आदेश दिया है। इसी तरह शारीरिक दक्षता और शारीरिक मानकों के लिए भी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है।

2003 में पटवारी भर्ती में घोटाला सामने आने से सबक लेकर इस बार सरकार ने पटवारी भर्ती से इंटरव्यू हटा दिया है। 2003 में इंटरव्यू के जरिए ही चहेतों को भर्ती करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा सरकार ने इस बार जिलाधिकारी को ही पूरी भर्ती प्रक्रिया की कमान सौंपी है।

सचिव राजस्व डीएस गर्ब्याल के मुताबिक परीक्षा एक ही दिन और सभी जिलों में होगी। शारीरिक दक्षता के लिए कोई अंक नहीं हैं पर लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए शारीरिक दक्षता के मापदंड पर खरा उतरना होगा। शारीरिक दक्षता परीक्षण की अवधि 15 दिसंबर से 20 दिसंबर तक रखी गई है।

लिखित परीक्षा 27 दिसंबर को होगी। पहले पटवारी और लेखपाल के लिए शैक्षिक योग्यता इंटर थी। अब स्नातक समकक्ष परीक्षा को पास करने का मानक रखा गया है। परीक्षा वस्तुनिष्ठ होगी।

सचिव ने बताया कि पटवारी और लेखपाल के करीब 464 रिक्त पदों के लिए यह भर्ती होगी। 15 जनवरी को एक ही दिन सभी जिलों में परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। पटवारी अथवा लेखपाल किसी एक के लिए ही आवेदन किया जा सकेगा।

पटवारी और लेखपालों की भर्ती में सरकार ने कई नियम बदले पर बेरोजगारों के साथ मजाक करना नहीं छोड़ा। चयनित अभ्यर्थियों को एक साल की ट्रेनिंग का खर्च भी खुद ही वहन करना होगा।

पटवारियों के मुताबिक इसमें कम से कम डेढ़ लाख रुपये का खर्च तो आसानी से होता है। जाहिर है कि पटवारी बनने के लिए बेरोजगारों को तमाम परीक्षाएं पास करने के बाद एक साल तक ये भी देखना होगा कि कोर्स का खर्च कहां से आएगा।

राज्य में पर्वतीय पटवारियों के पास दोहरी जिम्मेदारी है। उन्हें पर्वतीय जिलों में पुलिसिंग का काम भी देखना होता है और राजस्व महकमे से जुड़े काम भी निपटाने होते हैं। ऐसे में पटवारियों को पुलिस ट्रेनिंग के साथ ही भूलेख और अन्य कई तरीके की ट्रेनिंग से गुजरना होता है। इसके लिए पटवारी ट्रेनिंग और भूलेख प्रशिक्षण संस्थान में एक साल का प्रशिक्षण दिया जाता है।

जाहिर है कि सभी जिलों के चयनित अभ्यर्थियों को इस संस्थान में एक साल का समय गुजारना होगा। ट्रेनिंग एक मार्च 2016 से शुरू होगी। पर्वतीय पटवारी महासंघ के पदाधिकारी बीपी जगूड़ी के मुताबिक पहले पुलिस ट्रेनिंग के दौरान भी यही व्यवस्था थी।

अब यह व्यवस्था बदल दी गई है और पुलिस में ट्रेनिंग के दौरान भत्ता दिया जाता है। जगूड़ी के मुताबिक अल्मोड़ा में पटवारी प्रशिक्षण पर कम से कम डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता है।

अधिकारियों के मुताबिक नियमावली में ही यह व्यवस्था है कि पटवारी अपने खर्च पर ट्रेनिंग प्राप्त करें। पटवारियों को प्रशिक्षण हासिल करने के बाद एक और परीक्षा देनी होती है। इस परीक्षा की मेरिट बनती है और इस मेरिट के आधार पर ही उन्हें सेवा में लिया जाता है। इस मेरिट के बाद ही यह माना जाता है कि वे सेवा में है। दूसरी समस्या यह भी है कि अल्मोड़ा प्रशिक्षण संस्थान में हॉस्टल की व्यवस्था नहीं है।

राज्य में ये हैं रिक्त पद
पटवारी

उत्तरकाशी : 13
चमोली : 20
टिहरी :  9
पौड़ी : 76
रुद्रप्रयाग : 13
नैनीताल : 15
अल्मोड़ा : 91
पिथौरागढ़ : 69
चंपावत : 21

लेखपाल के रिक्त पद इस प्रकार हैं

देहरादून :   6
पौड़ी :   4
नैनीताल :  19
हरिद्वार :  39
उधमसिंहनगर :  65
कुल पद  : 464