सांकेतिक तस्वीर

उत्तराखंड में टिहरी जिले की भिलंगना घाटी के गंगा क्षेत्र में दुर्लभ और ब्लड कैंसर से लड़ने वाली जड़ी जदवार की पहचान की गई है।

उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं तकनीकी प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के प्रोजेक्ट के तहत गए वैद्य बालेंदु प्रकाश ने इसकी पहचान की है। पुरातन चिकित्सा साहित्य में भी इस जड़ी की महत्ता बताई गई है।

यह जड़ी पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पहले जदवार (डेल्फिनियम डेनुडाटम) आठ हजार से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पाई जाती है। काफी समय पहले इस जड़ी को जंगल से निकालने पर प्रतिबंध लग गया था।

अब देश के कई हिस्सों में इस जड़ी को नेपाल से आयात किया जाता है। वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बताया कि टिहरी के पास गंगा क्षेत्र में यह जड़ी मिली है, जो खासकर ब्लड कैंसर से लड़ने में कारगर है।

Blood-cancer-medicine

शरीर के नर्वस सिस्टम को ठीक करने के अलावा यह लकवे जैसी बीमारी में उपयोगी है। दिल की बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा से जुड़े साहित्य में भी इस जड़ी का जिक्र है। नवन किशोर प्रेस से 1928 में प्रकाशित ‘कराबादीन आई नजमुल घानी’ पुस्तक में इसका जिक्र है। इसके अलावा 16वीं शताब्दी में लिखी गई पर्सियन मैन्युस्क्रिप्ट में इसका खास जिक्र है।

जदवार जड़ी कैंसर के इलाज में कारगर मानी जाती है। इस पर और ज्यादा शोध करने की जरूरत है। यह अन्य कई असाध्य रोगों के इलाज में उपयोगी है। अगर इसकी खेती की जाए तो स्थानीय लोगों के लिए कमाई का बड़ा रास्ता खुल जाएगा।