कोलकाता।… टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली को गुरुवार को बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। इस तरह से जगमोहन डालमिया के निधन के बाद इस पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति को लेकर बनी असमंजस की स्थिति भी समाप्त हो गई।

गांगुली को अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में कैब के सीनियर अधिकारियों और राज्य सरकार के मंत्रियों की उपस्थिति में की। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में डालमिया के बेटे अभिषेक को दो संयुक्त सचिवों में से एक पद पर नियुक्त किया गया। वह गांगुली की जगह लेंगे।

सुबीर गांगुली दूसरे संयुक्त सचिव की भूमिका पहले की तरह निभाते रहेंगे जबकि विश्वरूप डे भी कोषाध्यक्ष बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने जहां आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि यह फैसला कैब अधिकारियों ने किया और वह केवल राज्य में क्रिकेट के खेल को आगे बढ़ाने में अपना समर्थन जताने के लिये वहां मौजूद थी, लेकिन जाहिर था कि स्वर्गीय डालमिया के स्थान पर गांगुली को नियुक्त करने में सरकार ने हस्तक्षेप किया।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने खेल मंत्री अरूप बिस्वास की मौजूदगी में कहा, ‘डालमिया के निधन के बाद हम बड़े संकट से गुजर रहे थे। किसी को कैब प्रमुख बनना था। डालमिया क्रिकेट को बहुत चाहते थे। इसलिए जरूरी था कि (यह पद संभालने वाला) व्यक्ति उनका करीबी होना चाहिए। क्रिकेट परिवार महत्वपूर्ण है। मैं आप सभी से एकजुट बने रहने का आग्रह करती हूं। एक बने रहें और जग्गू दा की विरासत आगे बढ़ाएं।’

उन्होंने कहा, ‘जगमोहन डालमिया विश्व क्रिकेट में रत्न की तरह थे और यह हम सभी के लिए भावनात्मक पल है कि उनका बेटा अभिषेक नया संयुक्त सचिव बना है। जब तक डालमिया जीवित रहे उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेट क्षेत्र में नहीं आने दिया, लेकिन हम सभी ने उन्हें इसमें आने के लिए कहा। हम सभी को विश्वास है यह देखकर डालमिया की आत्मा भी खुश होगी।’

गांगुली की सराहना करते हुए ममता ने कहा, ‘वह भारतीय टीम के कप्तान रह चुके हैं। अगर एक कप्तान को प्रशासक के तौर पर काम करने का अवसर मिल रहा है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। हम सभी ने देखा कि डालमिया कितने कुशल प्रशासक थे।’

गांगुली ने कहा कि सीएबी के नियमों के तहत इस मुद्दे पर सदस्यों की एक बैठक बुलाई जाएगी। खुद को यह अहम जिम्मेदारी सौंपने वाले सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए गांगुली ने कहा, ‘अगर सीएबीए के सभी 117 सदस्य सहमत हैं तो मैं यह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं और बंगाल क्रिकेट के हित के लिए अपनी हरसंभव कोशिश करूंगा।’

क्या उनके लिए यह एक नई चुनौती है के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘जीवन में सबकुछ नया और चुनौतीपूर्ण होता है। आपको सिर्फ प्रत्येक दिन काम करते रहना होता है।’

डे ने कहा, ‘मुख्यमंत्री जिस तरह से संकट की इस घड़ी में हम सबको साथ लाई यह बंगाल क्रिकेट का अच्छा संकेत है। वह जगमोहन डालमिया मेमोरियल क्रिकेट अकादमी भी चाहती हैं। वह चाहती हैं कि यह देश की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट अकादमी हो। कुल मिलाकर जिस तरह से वह हम सभी को एक साथ लेकर आई उससे मैं काफी खुश हूं।’

एक अन्य संयुक्त सचिव सुबीर गांगुली ने कहा, ‘हम सब वास्तव में खुश हैं। हम इसलिए भी खुश हैं क्योंकि हम अभिषेक को कैब क्रिकेट प्रशासन में लेकर आए हैं।’