प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आध्यात्मिक गुरु दयानंद गिरि की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए बॉलीवुड की कई हस्‍तियां भी पहुंच रही हैं। बताया जा रहा है कि सुपर स्‍टार रजनीकांत और सन्‍नी देओल शुक्रवार को ऋषिकेश पहुंचेंगे और दयानंद गिरि की अंतिम यात्रा में शामिल होंगे। शुक्रवार को ऋषिकेश में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इसके अलावा उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री हरीश रावत भी स्‍वामी के अंतिम दर्शन करने पहुंचेंगे। स्‍वामी की मौत की खबर सुनने के बाद मुख्‍यमंत्री रावत ने कहा, ‘दयानंद गिरि जैसे स्‍वामी कभी मरते नहीं हैं, उनके विचार हमेशा जिंदा रहते हैं। वे पूरे वातावरण में व्‍याप्‍त होते हैं।’

बता दें कि बुधवार रात करीब सवा 10 बजे दयानंद गिरि ने ऋषिकेश स्‍थित अपने आश्रम में अंतिम सांस ली थी। 13 सितंबर को उन्‍हें देहरादून के जॉलीग्रांट के हिमालयन मेडिकल संस्‍थान में भर्ती कराया गया था। स्‍वामी के कहने पर ही उन्‍हें बुधवार को ऋषिकेश स्‍थित आश्रम वापस लाया गया था, जहां उन्‍होंने अंतिम सांस ली।

गुरु का स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ने की खबर सुनकर प्रधानमंत्री काफी दुखी थे। प्रधानमंत्री 11 सितंबर को गुरु स्वामी दयानंद गिरि का हालचाल पूछने ऋषिकेश गए थे।

उल्‍लेखनीय है कि स्‍वामी दयानंद और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का रिश्‍ता 16 साल पुराना है। जब भी मोदी के सामने कोई मुश्किल समस्‍या आई तब-तब उन्‍होंने गुरु से ज्ञान लिया।

मोदी जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे तब उन्‍होंने गुरु स्‍वामी दयानंद को गांधीनगर बुलाकर उनका स्‍वागत किया था। 86 साल के स्वामी दयानंद गिरि की सबसे बड़ी खूबी ये है कि वे वेदांत के जरिए आज की समस्याओं का भी निदान निकाल लेते थे। इसके चलते एक तरफ वो परंपराओं की डोर थामे रहते थे तो वहीं आधुनिकता भी उनके विचारों को महकाती थी. यही वजह है कि मोदी के जीवन पर स्वामी दयानंद का गहरा प्रभाव है।

पीएम मोदी ने दयानंद सरस्वती के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, बीजेपी सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने स्वामी के निधन पर दुख जताया है।