अगर आप उत्तराखंड में रहते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। बता दें राज्य की हरीश रावत सरकार यहां ऑनलाइन शॉपिंग पर 5-10 फीसदी टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। वाणिज्यकर विभाग नए टैक्स लगाने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस टैक्स को लागू किया जाएगा।

गौरतलब है कि देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। वाणिज्यकर कर विभाग को उम्मीद है कि इस तरह के कर लगाने से राज्य सरकार को हर साल करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हो सकता है।

अस्थायी राजधानी देहरादून के साथ राज्य के बड़े जिलों में भारी संख्या में अब लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां टैक्स कम होने का दावा करती हैं, जिसके चलते लोगों को घर बैठे आसानी से सस्ता सामान मिल जाता है। लेकिन, सरकार को इस ट्रेंड से कोई लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि ऑनलाइन शॉपिंग पर राज्य में कोई टैक्स नहीं लगाया जा रहा है।

काबिल-ए-गौर है कि केन्द्र सरकार ने उत्तराखंड को दिए जाने वाले अपने फंड में करीब 3300 करोड़ रुपये की कटौती की है। राज्य सरकार के सामने में आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

असम और केरल जैसे राज्यों में ऑनलाइन शॉपिंग पर पांच और दस फीसदी टैक्स लगाया जाता है। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी अब इस नीति पर काम कर रहे हैं। कर आयुक्त का कहना है कि राज्य में अभी तक ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

उनका कहना है कि इससे सरकार के राजस्व में इजाफा होगा। बाजार के जानकारों का कहना है कि हर महीने अस्थायी राजधानी देहरादून में करोड़ रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग हो रही है। हर दिन ऑनलाइन शॉपिंग का बाजार बढ़ रहा है। ऐसे में ग्राहक भी सस्ते सामान को खरीदने के चक्कर में ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ बढ़ते जा रहा हैं।