देहरादून।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन की परियोजनाओं के लिए केन्द्र की तरफ से दिए जाने वाले अनुदान को 20 फीसदी से बढ़ाकर कम से कम 60 प्रतिशत किए जाने की मांग की है।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रावत ने यह मांग नई दिल्ली में नीति आयोग भवन में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए गठित मुख्यमंत्रियों के उपसमूह की बैठक में की बुधवार को की।

बैठक में रावत ने शहरी क्षेत्रों में व्यक्तिगत शौचालयों के लिए निर्धारित प्रति यूनिट केन्द्रांश चार हजार रुपये से बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों की ही तरह 12 हजार रुपये करने तथा पर्वतीय शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालयों के लिए प्रति यूनिट निर्धारित मानक 65 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख 25 हजार रुपये करने की भी मांग की।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए संस्थागत ढांचे के संबंध में सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में कैबिनेट सचिव स्तर पर महत्वपूर्ण विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए जिसमें प्रत्येक विभाग की भूमिका व स्वच्छता के लिए बजट आवंटन के अलावा उसका उपयोग भी स्पष्ट हो।