अडानी औद्योगिक समूह और उत्तराखंड सरकार के अफसरों के बीच बुधवार को दिनभर चली मशक्कत के बाद तीन मुद्दों पर सहमति बन गई है। तीन अलग-अलग सेक्टर में अडानी समूह करीब पांच हजार करोड़ का निवेश करेगा। मुख्य सचिव राकेश शर्मा के साथ हुई बैठक में यह सहमति बनी।

अडानी औद्योगिक समूह कई सेक्टरों में निवेश करना चाहता है। मुख्य सचिव राकेश शर्मा के साथ समूह के अफसरों ने सेलाकुई आदि स्थानों का दौरा भी किया। मोटे तौर पर सरकार और अडानी समूह के बीच जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उनमें हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट हैं, इसमें समूह ने तीन हजार करोड़ रुपये तक का निवेश करने के विकल्प खोले हैं।

इसके अलावा सोलर प्लांट का प्रस्ताव तो एक हजार मेगावाट का दिया है, लेकिन जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण फिलहाल 50 से 200 मेगावाट के बीच सोलर प्लांट लगाने पर सहमति बनी है। जमीन का चिन्हीकरण होते ही कागजी कार्यवाही शुरू हो जाएगी।

इसके अलावा अडानी समूह ने पॉवर सेक्टर में ही ट्रांसमिशन में भी निवेश की पेशकश की है। तय हुआ है कि ट्रांसमिशन में निवेश को सरकार के साथ संयुक्त उपक्रम के तौर पर चलाया जाएगा। जमीन सरकार देगी और निवेश अडानी समूह करेगा।

अडानी ग्रुप में हैड कॉरपोरेट अफेयर्स आनंद सिंह बिसेन का कहना है कि जिस सेक्टर में कंपनी निवेश करना चाहती है या सरकार जिन क्षेत्रों में हमसे निवेश चाहती है, उनसे संबंधित प्रस्ताव सरकार के समक्ष रख दिए हैं। बहुत ही सकारात्मक तरीके से बातचीत आगे बढ़ी है, जल्द ही अच्छे नतीजा सामने आएंगे। समूह निवेश करने का इच्छुक है और उत्तराखंड इसके लिए अच्छा विकल्प है।