उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है। जी हां अब राज्यभर में प्राइवेट परीक्षा आयोजित करवाने की जिम्मेदारी उत्तराखंड मुक्त विवि को मिलनी तय मानी जा रही है। इस संबंध में 19 सितंबर को हुई अहम बैठक में फैसला लिया जा चुका है, अब 24 सितंबर को राज्यपाल की बैठक में मुहर लगने की संभावना है।

हर साल उत्तराखंड में बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम की प्राइवेट परीक्षाओं में तीन लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। गढ़वाल मंडल में श्रीदेव सुमन विवि यह परीक्षा आयोजित करवाता है। गत वर्ष इसमें करीब एक लाख छात्र शामिल हुए थे। बेहद कम संसाधनों के बीच विवि हर साल परीक्षा आयोजित कराता है।

कुमाऊं मंडल में इस परीक्षा का आयोजन कुमाऊं विवि कराता है। कुमाऊं विवि में भी एक से डेढ़ लाख छात्र हर साल प्राइवेट परीक्षा में शामिल होते हैं। वहीं, उत्तराखंड मुक्त विवि में छात्रों की कमी के चलते लगातार समस्या पैदा होती आई है।

विवि के कुलपति प्रो. सुभाष धूलिया ने राज्यभर की प्राइवेट परीक्षाएं कराने के लिए प्रस्ताव सरकार और राज्यपाल को दिया था। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि प्रस्ताव पर 19 सितंबर को हुई सभी कुलपतियों और अधिकारियों की बैठक में सहमति बन चुकी है।

उन्होंने बताया कि इस साल से प्राइवेट परीक्षाओं की जिम्मेदारी मुक्त विवि को मिल सकती है। 24 सितंबर को इस संबंध में राजभवन में एक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राज्यपाल इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं।

अहम बात यह भी है कि जो छात्र एक साल प्राइवेट परीक्षा दे सकते हैं, उनका विवि नहीं बदलेगा। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत के मुताबिक गत वर्ष तक प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों की परीक्षा वही कराएंगे, जबकि जो छात्र इस साल प्रथम वर्ष के लिए आवेदन करेंगे, उनकी परीक्षा मुक्त विवि ही कराएगा।

उत्तराखंड मुक्त विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. सुभाष धूलिया का कहना है, ‘हमने सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था। इस पर सहमति बनी है, यह बेहद खुशी की बात है। विवि को निश्चित तौर पर नई दिशा मिलेगी। हम पूरी गंभीरता के साथ यह नई जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं।’