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उत्तराखंड सरकार ने 16 हजार उपनल कर्मियों का वेतन बढ़ाने की तैयारी कर ली है। सरकार की ओर से उपनल कर्मियों के वेतन में प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से बढ़ाने की तैयारी है। इस तरह से उनके वेतन में करीब ढाई हजार रुपये की वृद्धि हो सकती है। इसके लिए सरकार ने उपनल को जल्द वेतन वृद्धि का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। उपनल कर्मियों की चार श्रेणियों में समान वृद्धि से सबसे अधिक लाभ अकुशल कार्मिकों को मिलेगा।

दो साल पहले बढ़ा था वेतन
उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों की साल 2013 में आखिरी बार वेतन वृद्धि हुई थी। उपनल के कर्मचारियों को चार श्रेणियों अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल में 8 से 12 हजार रुपये के बीच वेतन मिलता है।

सरकार ने साल 2014 की दीवाली पर उनको वेतन वृद्धि का तोहफा देने का निर्णय लिया था, लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति से मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई। प्रस्ताव में उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर विभिन्न विभागों में तैनात विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों और अधिकारियों की वेतन में अधिकतम 25 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित था। उपनल कर्मचारी लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दो महीने पहले उन्हें वेतन बढ़ाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद अब कार्रवाई शुरू हुई है। अपर सचिव सैनिक कल्याण प्रदीप रावत ने बताया कि निगम से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन वृद्धि कर पीआरडी के समकक्ष लाने की प्रक्रिया विचाराधीन है, जिसके तहत निगम से विभिन्न श्रेणियों केकर्मचारियों की प्रस्तावित वेतन वृद्धि का प्रस्ताव मांगा है।

ये है उपनल का प्रस्ताव
निगम के अक्टूबर 2014 में अकुशल कर्मियों को ढाई हजार, अर्द्ध कुशल को तीन हजार, कुशल को 3800 और उच्च कुशल को 5800 रुपये बढ़ाने के प्रस्ताव दिए थे। आउटसोर्सिंग पर रखे जाने वाले अधिकारियों की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें अधिकतम चालीस हजार और न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रस्तावित थी। अब सरकार अगर 100 रुपये प्रतिदिन सभी श्रेणियों में बढ़ाती है तो अकुशल के अलावा अन्य कर्मचारियों को अधिक लाभ नहीं मिलेगा।