देहरादून।…उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को कहा कि विलुप्त हो रही संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु मेले व त्योहारों के आयोजन को प्राथमिकता देनी होगी।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रावत ने शुक्रवार देर रात अल्मोडा में आराध्यदेवी नन्दादेवी मेले के शुभारम्भ के अवसर पर कहा कि वर्तमान पीढ़ी में अनेक विसंगतियां फैल गई हैं और इस तरह के आयोजनों पर विशेष ध्यान देकर उनसे बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह मेला अटूट आस्था के साथ ही इतिहास को भी संजोए हुए हैं। रावत ने कहा कि इन मेलों के जरिए हम अपने राज्य में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालु को भी आकर्षित कर सकते हैं।

इस संबंध में उन्हांने बताया कि राज्य के मेले एवं त्याहारों के संरक्षण के साथ-साथ विलुप्त हो रही विधा को संरक्षित करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है जिसके तहत कलाकारों को पेंशन देने के साथ ही उनके उत्थान के लिए भी ठोस पहल की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के संस्कृति विभाग को पुरानी विधा को जानने वाले कलाकारों को चिहिन्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है ताकि उन्हें आगे बढ़ाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आराध्या देवी नंदादेवी मेले को राज्य स्तरीय मेले की सूची में शामिल करने के साथ ही इसे दिए जाने वाले अनुदान को 10 लाख रुपये कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुजंवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से जहां एक ओर अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का मौका मिलता है, वही उससे पुरातन संस्कृति और आस्था का भी संरक्षण का भी कार्य होता है।