नई दिल्ली।… दिल्ली पुलिस ने यहां की एक अदालत को बताया कि कथित गैंगेस्टर नीरज बवाना ने अपने गिरोह के सदस्यों से संपर्क में रहने के लिए सोशल नेटवर्किंग ऐप ‘व्हाट्सऐप’ का इस्तेमाल किया।

बवाना और पूर्व विधायक रामबीर शौकीन सहित नौ लोगों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने कहा है कि बवाना ने अपने इकबालिया बयान में इस बात का खुलासा किया है कि उसका गिरोह व्यापारियों से जबरन वसूली करता था और अन्य अपराध करता था।

बवाना ने बताया कि वह अपने साथियों से व्हाट्सऐप, मोबाइल फोन आदि के जरिए संपर्क में रहता था और दिल्ली एवं अन्य शहरों के व्यापारियों से जबरन वसूली करता था। उसने बताया कि वह और उसके मामा रामबीर शौकीन सहित सहयोगी गिरोह के करीबी सदस्य थे। शौकीन फरार है।

उसने बताया कि 15 दिसंबर 2014 को उसने उत्तराखंड पुलिस की हिरासत से अमित भूरा के भागने की सफल साजिश रची थी। भूरा को अदालत में पेशी के लिए उत्तर प्रदेश में बागपत ले जाया जा रहा था।

पुलिस ने आरोपपत्र में बवाना और अन्य पर दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में संगठित आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप लगाया है। साथ ही आरोप लगाया है कि शौकीन इसका राजनीतिक चेहरा था।