लेह।… नए सिरे से आमना-सामना होने के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने मंगलवार को लद्दाख में दो बैठकें कीं और इस दौरान दोनों देशों ने लद्दाख सेक्टर में 465 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति एवं सौहार्द बरकरार रखने पर सहमति जताई।

ये बैठकें पिछले सप्ताह बर्तसे इलाके में टकराव पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थीं। यह टकराव रविवार तड़के खत्म हुआ। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठकें चुसूल और दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में हुईं। चुशूल लेह से 202 किलोमीटर दक्षिणपूर्व तथा डीबीओ लेह से 250 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है।

चुशूल पांगओंग झील के निकट है और यह उन पांच आधिकारिक स्थानों में से एक है जिन पर भारत और चीन ने सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक करने पर सहमति जताई थी। चार अन्य स्थान सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हैं।

सूत्रों के अनुसार इन बैठकों के दौरान चीनी पक्ष से बर्तसे में मानी जाने वाली भारतीय सीमा के 1.5 किलोमीटर भीतर एक झोपड़ी बनाकर किए गए कथित उल्लंघन के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, ‘दोनों पक्षों ने एलएसी पर कोई रक्षा निर्माण नहीं करने के निर्णय का पालन करने पर सहमति जताई है।’