देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड की गंगा नदी में रोमांच का खेल शुरू होने जा रहा है। यहां ऋषिकेश में ही सबसे पहले रिवर राफ्टिंग शुरू हुई थी और पिछले कई सालों से देशी-विदेशी पर्यटकों को गंगा की लहरों पर अटखेलियां कराई जा रही हैं।

रिवर राफ्टिंग का लुत्फ लेने के लिए हर साल लाखों पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते हैं और जमकर रोमांच का लुत्फ उठाते हैं। वहीं तीन महीने बाद शुरू हुई रिवर राफ्टिंग से राफ्ट व्यवसायियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। त्योहार और छुट्टियों का मौसम एक बार फिर तीर्थ नगरी में रौनक लेकर आया है।

मानसून खत्म, राफ्टिंग शुरू
मानसून के बीतने के बाद गंगा में फिर से रंग-बिरंगी राफ्ट उतरनी शुरू हो गई है। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन के तौर पर जहां रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिग जैसे बेहद लोकप्रिय हैं। वहीं सबसे ज्यादा इनमें लोग रिवर राफ्टिंग को ही पसंद करते हैं। यही वजह है कि एक सीजन में तकरीबन 5 से 10 लाख पर्यटक राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए ऋषिकेश गंगा के तट पर पहुंचते हैं।

राफ्ट उद्योग से जुड़े करीब 140 राफ्टिंग कंपनियों के साथ 10,000 से अधिक लोग सीधे तौर पर इस रोजगार से जुड़े हैं। अब राफ्टिंग कंपनियां राफ्टिंग की नए सुरक्षित तरीकों से शुरुआत करने के लिए तैयार हैं।

युवाओं की खास पसंद
युवाओं में साहसिक पर्यटन खासकर रिवर राफ्टिंग के प्रति खास जुड़ाव देखा जा रहा है। वीकेंड आते ही बड़ी संख्या में लोग ऋषिकेश का रुख कर राफ्टिंग का मजा लेते है। साथ ही हर शाम होने वाली गंगा आरती का नजारा भी लोगों की खास पसंद होता है। वहीं इस बार पर्यटकों को कड़ी सुरक्षा मानकों के साथ राफ्टिंग के लिए गंगा में उतरना पड़ेगा और मानकों की धज्जियां उड़ाने वालों पर पैनी नजर रहेगी।

लंबे इंतजार के बाद गंगा की लहरों पर अटखेलियां करने वाले पर्यटकों के लिए एक बार फिर राफ्टिंग का एडवेंचर शुरू हो गया है, जिसका विधिवत पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ सोमवार को गंगा तट पर किया गया। वहीं राफ्ट उद्योग से जुड़े व्यवसायियों को भी उम्मीद है कि इस बार ज्यादा पर्यटक ऋषिकेश में राफ्टिंग का लुत्फ उठाएंगे।