देहरादून।… जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहीद हुए सेना के लांसनायक मोहन नाथ गोस्वामी के नैनीताल जिले में बिंदुखत्ता स्थित आवास पर मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंचे। रावत ने स्वयं यहां आकर उनके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से दस लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा।

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने शहीद गोस्वामी की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बाद में उन्होंने शहीद की माता राधिका देवी, पत्नी भावना और पुत्री भूमिका व भाई शम्भूनाथ गोस्वामी को सांत्वना देते हुए उन्हें सहायता राशि के 10 लाख रुपये का चेक सौंपा।

मुख्यमंत्री रावत के साथ सिचांई मंत्री यशपाल आर्य और श्रम मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल भी मौजूद थे। रावत ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए गोस्वामी के नाम पर लालकुंआ में मिनी स्टेडियम बनाने, हल्द्वानी-लालकुंआ राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम उनके नाम पर रखने और बिन्दुखत्ता में एक विद्यालय का नाम मोहननाथ गोस्वामी के नाम पर रखने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने इसके अलावा, गोस्वामी के परिजनों की मांग पर उनकी पत्नी भावना को उपनल के माध्यम से नौकरी दिलाने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को गोस्वामी पर गर्व है कि उन्होंने 11 दिन में 10 आतंकवादियों को मार गिराया। राज्य उनकी शहादत को सलाम करता है। रावत ने शहीद के परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित करने हेतु भारत सरकार को संस्तुति भेजी जाएगी।

वरिष्ठ बीजेपी नेता हेमंत द्विवेदी ने सोमवार को शहीद गोस्वामी के घर जाकर उनकी पुत्री भूमिका को पांच लाख रुपये की सावधि जमा दस्तावेज सौंपा था। सेना की स्पेशल फोर्सेस कमांडो के लांसनायक मोहन नाथ गोस्वामी गत तीन सितंबर को जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उन्होंने शहीद होने से पहले दस आतंकवादियों को मार गिराया था।